गुवाहाटी। बुधवार की तड़के के ऊपरी असम के लकुवा ते क्षेत्र से अपहृत ओएनजीसी के तीन कर्मचारियों से संबंधित जांच का जिम्मा असम पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जीपी सिंह को सौंपा गया है। ज्ञात हो कि जीपी सिंह अपहरण की खबर आते ही शिवसागर के लिए रवाना हो गये थे।
उन्होंने बुधवार की रात ही शिवसागर पहुंचकर वहां प्राथमिक स्तर पर जांच शुरू कर दी। शिवसागर सदर थाने में पुलिस ने एक स्वतः संज्ञान लेते हुए अपहरण का मामला दर्ज किया है। वहीं, बुधवार को ओएनजीसी की ओर से भी सिमलुगुरी थाना में एक प्राथमिकी इस अपहरण के संदर्भ में दर्ज करवाई गई थी।
जीपी सिंह के निर्देशानुसार इसी बीच प्राथमिक जांच के लिए लकुवा के इस तेल क्षेत्र की सुरक्षा में लगे तीन होमगार्ड के जवानों के साथ ही अपहृत तीनों ही कर्मचारियों को एंबुलेंस में लेकर जाने वाले एंबुलेंस के चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, अब तक इस अपहरण का जिम्मा किसी भी उग्रवादी संगठन ने औपचारिक रूप से नहीं लिया है। फिर भी उल्फा स्वाधीन गुट की ओर शक की सुई जाती है।
ज्ञात हो कि इसी बीच उल्फा स्वाधीन के तीन कैडर नगालैंड जिले के मोन स्थित असम राइफल्स की छावनी में जाकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इन तीनों ही उल्फा के कैडरों से प्राथमिक पूछताछ करने के बाद असम राइफल्स द्वारा इन्हें सोनारी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। जेपी सिंह के निर्देशानुसार इस पूरी प्रक्रिया की जांच चल रही है।
इसी बीच मीडिया में बयान जारी करते हुए जीपी सिंह ने कहा है कि उल्फा समेत कुछ उग्रवादी संगठन असम में एक अस्थिर परिवेश बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। असम पुलिस कभी भी ऐसा होने नहीं देगी। उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में उल्फा द्वारा अपहृत ओएनजीसी के दो इंजीनियरों को रिहा किया ही गया था कि अचानक इन तीन कर्मचारियों के अपहरण की खबरें आ गयी। (हि.स.)





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