ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी
दो दिनों में 7 नए मरीजों के साथ कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या पहुंची ग्यारह
सरकारी दिशानिर्देशों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां, जिला प्रशासन मौन
लखीमपुर। लखीमपुर शहर में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों का लेखा-जोखा दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहा है । प्रथम चरण के कोविड-19 की मार झेल चुके आम नागरिक अभी तक अपनी दैनिक दिनचर्या को पटरी पर ला ही नहीं पाएगी अकस्मत आए दूसरे चरण के कोविड-19 की लहर के प्रकोप का सामना करने को विवश हो रहे हैं । देश दुनिया के अन्य राज्यों व जिलो के साथ-साथ लखीमपुर जिले में भी कोविड-19 की यह द्वितीय लहर अपना पांव पसार चुकी है। जिसकी लखीमपुर जिले में शुरुआत गत 2 अप्रैल को दिल्ली से हवाई सफर तय कर लखीमपुर पहुंचे 26 वर्षीय नंदकुमार से हुई जिसकी संख्या में विस्तार होते-होते कल और आज 2 दिनों में कुल 7 नए मरीजों के साथ इस महामारी से संक्रमित लोगों का आंकड़ा पहुंचा ग्यारह । दिन प्रतिदिन तेज रफ्तार से पांव पसार रहे द्वितीय चरण के इस कोविड-19 जैसी महामारी पर काबू पाने हेतु लखीमपुर जिला प्रशासन ने जिले में Cr•PC 1973 के तहत कोविड-19 के संदर्भ में जारी किए गए दिशा-निर्देशों को मानने हेतु धारा 144 लगा दी है, जिसमें सभी सरकारी गैर सरकारी कर्मचारियों के अलावा आम नागरिकों को अपने मुंह और नाक को कपड़े से बने मास्क या फिर गमछे से ढकने का आदेश देने के साथ-साथ सभी को एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी गई है तथा सभी सरकारी गैर सरकारी संस्थानों तथा छोटे बड़े सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर या फिर हाथ धोने के लिए साबुन और पानी की व्यवस्था करने का भी आदेश दिया गया है। लेकिन रंगाली बिहू उत्सव में व्यस्त चाहे ग्राहक हो या फिर दुकानदार हो या फिर चाहे सरकारी गैर सरकारी संस्थान हो सभी के सभी जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते । लखीमपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देश के पश्चात जिले के ज्यादातर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर ना तो किसी प्रकार की कोई हाथ धोने की व्यवस्था की गई है और ना ही सैनिटाइजर की व्यवस्था । इतना ही नहीं रंगाली बिहू के पावन उत्सव पर दुकानों में खरीदारी करने आ रहे ज्यादातर ग्राहकों के मुख मंडल पर ना तो मास्क देखा जा रहा है और ना ही ग्राहक एक दूसरे से सामाजिक दूरियां बनाकर अपना सामान खरीदते नजर आ रहे हैं । जो कि आगामी रंगाली बिहू के पश्चात द्वितीय चरण के इस कोविड-19 जैसी महामारी का जबरदस्त विस्फोट होने का संकेत दे रही है। जिला प्रशासन की नाक के नीचे इस प्रकार उन्हीं (जिला प्रशासन) के द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है लेकिन कुंभकरण निद्रा में लीन लखीमपुर जिला प्रशासन अपनी आंखों के सामने सब कुछ होते देखने के पश्चात भी हाथ पर हाथ धरे मूकदर्शक बनकर बेटी हुई नजर आ रही है । वहीं दूसरी तरफ इस कोविड-19 की महामारी जन संक्रमण का व्यापक रूप धारण कर अपनी तांडव लीला ना मचा पाए उसकी रोकथाम हेतु लखीमपुर स्वस्थ विभाग की ओर से जिले के अलग-अलग जगहों पर रोजाना कई हजारों नागरिकों का कोविड टेस्ट किया जा रहा है ताकि आगामी रंगाली बिहू के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इस महामारी के प्रवेश पर इस जांच के माध्यम से अंकुश लगाया जा सके। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में लाखों लोगों के समागम की अनुमति प्रदान करने वाले जिला प्रशासन बिहू जैसे जातीय उत्सव को किस प्रकार कोविड-19 के संदर्भ में जारी किए गए दिशानिर्देशों को मानते हुए सुचारू रूप से मनाने की रणनीति बिहू समितियों के साथ मिलकर बना पाती है। ताकि पिछली बार इस जातीय उत्सव को मनाने से वंचित रहने वाले असम वासी इस बार इस जातीय उत्सव को हर्ष उल्लास एवं शांतिपूर्ण तरीके से मना कर इसका आनंद उठा सकें। इतना ही नहीं उससे पूर्व किस प्रकार जिला प्रशासन अपने ही द्वारा जारी की गई धारा 144 के तहत दिए गए दिशा-निर्देशों को लागू करवा कर इस कोविड-19 के द्वितीय चरण से होने वाले जन संक्रमण को रोक पाती है जो कि बिहू जैसे जातीय उत्सव पर लखीमपुर जिला प्रशासन के समक्ष किसी चुनौती से कम नहीं होगा।





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