गुवाहाटी। असमिया संस्कृति का प्राण केंद्र रंगाली बिहू बुधवार से आरंभ होने जा रहा है। रंगाली बिहू के स्वागत के लिए पूरे राज्य के साथ ही राजधानी गुवाहाटी शहर में भी तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं।
रंगाली बिहू का परंपरिक उत्सव गोरू बिहू के साथ प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल से आरंभ होता है। आम तौर पर उत्सव तीन दिवसीय है। हालांकि, रंगाली बिहू सात नामों से सात दिनों तक मनाया जाता है। जिसे गोरू बिहू, मानुह बिहू, गोसाई बिहू, तांतर बिहू, नांगल बिहू, जीयरी या सेनेही बिहू और सेरा बिहू के रूप में जाना जाता है।
कोरोना महामारी के मद्देनजर रंगाली बिहू का आयोजन करने वाली बिहू समितियों ने पहले ही आवश्यक ऐहतियात बरतने का आश्वासन दिया है। रंगाली बिहू का उत्साह पूरे राज्य के साथ-साथ गुवाहाटी में भी देखा जा रहा है। महिलाएं स्नेह के प्रतिक बिहुआन तैयार किया है। गुवाहाटी के बाजार में पारंपरिक बिहू वेशभूषा और खाद्य सामग्री की रौनक देखी जा रही है। बिहू के नृत्य को लेकर युवक व युवतियों में भी काफी उत्साव देखा जा रहा है। रंगाली बिहू के मद्देनजर गुवाहाटी के विभिन्न इलाकों में बिहू की कार्यशालाओं में हिस्सा लेकर युवक-युवतियां पूरी तरह से तैयार हैं। लेकिन इन तमाम तैयारियों पर कोरोना महामारी की काली छाया भी एक ओर साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी संक्रमण को देखते हुए असम सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र के निर्देशानुसार प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए सभी बिहू समितियों की खातिर एसओपी जारी किया है। बिहू समितियों के बीच एसओपी को लेकर भारी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। एसओपी को लेकर बिहू समितियों ने सरकार से आग्रह किया कि वे इस संबंध में कुछ ढील दें क्योंकि, कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने में समितियों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
प्रशासन व सरकार ने बिहू समितियों के आह्वान पर कोई ध्यान नहीं दिया है। गुवाहाटी की 28 बिहू समितियों के पदाधिकारियों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए सरकार से एसओपी में ढील देने की मांग की। बिहू समितियों ने मांग की कि सरकार को प्रत्येक दर्शकों को मास्क उपलब्ध कराने के अलावा विशेष रूप से बिहू स्थलों को सेनेटाइज कराने का आह्वान किया है।
हालांकि इस मामले में गुवाहाटी के लताशील, भरलुमुख, पूर्व गुवाहाटी, पांडु, जलुकबाड़ी, लोखारा, उलुबाड़ी, खानपाड़ा, न्यू गुवाहाटी, नूनमाटी, बोंदा, गढ़चुक और बेलतला बिहू समितियों के साथ-साथ शहर की 50 से अधिक बिहू समितियों ने बिहू को यथासंभव अधिक से अधिक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मनाने के लिए आवश्यक उपाय किए हैं। (हि.स.)





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