अरुणा अग्रवाल
रंगिया। वर्तमान कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देशभर में लोगों का जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जान है तो जहान है इस बात के मद्देनजर कोरोना के संक्रमण से बचाव हेतु सरकार द्वारा देश के विभिन्न भागों में तालाबंदी की गयी है। वहीं असम सरकार ने भी राज्य को इसके संक्रमण से बचाव के लिये आंशिक तालाबंदी और कोरोना कर्फ्यू लगाया है। कोरोना कर्फ्यू के कारण रंगिया में भी दैनिक मजदूरी करने वाले दिहाड़ी मजदूर, ठेला-रिक्सा चालक, ऑटो-टेम्पो चालक, फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले व्यवसायी आदी रोजमर्रा कमा कर खाने वालें लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुये है। लम्बे समय से कामकाज ठप्प होने के कारण इनकी जमापूंजी भी खत्म हो गयी है। अब आम आदमी के सामने रोजी रोटी का एक बड़ा संकट भी आ खड़ा हुआ है। आर्थिक स्थिति के बिगड़ जाने के कारण यह तबका वर्तमान अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ दिखाई पड़ रहा है। इन्हें दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। इधर कोरोना का खौफ उधर आर्थिक स्थिति की मार से गरीब लोग बेहाल हो गए है। इन्हें न कहीं मजदूरी मिल पा रही है और न ही अन्य कोई काम। अब ऐसे में इन असहाय लोगों की सहायता लिये सरकार को अवश्य ही कदम उठाना होगा।





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