गुवाहाटी। असम सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 टीकाकरण को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग लेकर महानगर के हर क्षेत्र में टीकाकरण शिविर आयोजित किया है। इसी कड़ी में गत 17 मई से मारवाड़ी सम्मेलन की गुवाहाटी शाखा द्वारा छत्रीबाडी स्थित माहेश्वरी भवन में टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। टीकाकरण शिवीर मे आज दसवें दिन बुधवार को कुल 285 टीका दिया गया। जिसमें 18 से 45 बर्ष और 45 बर्ष से ऊपर के लोग भी शामिल थे। इस शिविर में अब तक 10 दिनो मे कुल 2568 व्यक्तियों को टीका लगाया गया। टीकाकरण व्यवस्था का सरल, अनुशासनात्मक और व्यवस्थित उदाहरण इस शिविर में देखने को मिल रहा है। सम्मेलन गुवाहाटी शाखा के सलाहकार अशोक धानुका ने बताया कि 45 वर्ष से ऊपर के लोग पहला टीका ऑनलाइन पंजीकरण कराकर बिना स्लॉट बुकिंग के लगवाने पहुंच सकते हैं। यह बुकिंग असम सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से उपलब्धता के आधार पर लोगों का पंजीकरण किया जा रहा है। ऐसे में पहले आने वाले लोगों के अलावा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगो को प्रमुखता दी जा रही है। शिविर की सुचारू व अनुशासनात्मक व्यवस्था महेश्वरी भवन के मुख्य द्वार से ही दिखाई देने लगती है। मुख्य द्वार पर भीड़ से निपटने के लिए मोबाइल पंजीयन को चेक करने के बाद उसके शरीर के तापमान को जांच करने के पश्चात ही अंदर जाने दिया जाता है।दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था भी की गई है।प्रतीक्षारत लोगों के लिए शुद्ध पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतीक्षारत लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठाया जाता है। गुवाहाटी शाखा के सदस्य हर व्यक्ति को हर कदम पर मार्गदर्शन कर रहे हैं। वातावरण में अपनापन का एहसास होने के कारण लंबे समय तक प्रतीक्षारत व्यक्ति भी आप को सहज महसूस कर रहे हैं। अशोक धानुका के सफल मार्गदर्शन में सदस्यों ने अपने आप को इस स्वास्थ्य सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। डॉक्टर, नर्स तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का सरल व्यवहार से भी लोग खुश नजर आ रहे हैं।सम्मेलन के गुवाहाटी शाखा के मंत्री शंकर बिड़ला ने बताया कि आज बुधवार को कुल 285 लोगों को टिका दिया गया जिनमें 18 वर्ष से 45 वर्ष तक के लोगों को 132 एवं 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को 153 टीके लगाए गए। बिडला ने आगे बताया कि जो लोग निचले तबके के हैं जिनके पास मोबाइल नहीं है अथवा उनके मोबाइल में पंजीयन करने की सुविधा प्राप्त नहीं है एवं जिसे पंजीयन करना नहीं आता है ऐसे लोगों को भी शिविर में आकर अपना नाम लिखाने से उनके पंजीकरण की व्यवस्था भी शाखा द्वारा की गई है।




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