गुवाहाटी। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने बुधवार को कहा कि भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में जीरो टॉलरेंस की ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री किसान योजना में भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में असम ने पहला स्थान हासिल किया है।
एपीसीसी की मीडिया सेल की अध्यक्ष बबीता शर्मा एक बयान जारी कर कहा है कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर वर्ष 2019 से शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान योजना के संबंध में निचले सदन में एक सवाल का जवाब देने के दौरान उपरोक्त बातें सामने आई हैं। पीएम किसान योजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुई हैं। भ्रष्टाचार और अनियमितता के तहत अयोग्य किसानों को देश में 2992.75 करोड़ रुपये मिले हैं। कृषि मंत्री तोमार ने सदन में कहा कि असम इस सूची में सबसे ऊपर है। असम में 8.35 लाख अयोग्य किसानों को इस योजना से 554.01 करोड़ रुपये लिए हैं।
उन्होंने कहा है कि सवाल यह है कि जब हमने कहा कि पीएम किसान योजना में किसानों के चयन में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुई हैं तो असम में तत्कालीन भाजपा गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री समेत सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने हमारे आरोपों को नकारते हुए कहा था कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी से सरकार के भ्रष्टाचार का क्या पता नहीं चला है।
उन्होंने कहा है कि हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि सरकार को प्रत्येक अयोग्य किसान से धन वापस लाकर उचित लोगों को इस योजना के जरिए मदद करें। साथ ही कहा कि प्रत्येक योजना की उचित जांच करनी चाहिए और अयोग्य लाभार्थी से पैसे को वापस लेना चाहिए। यह कहने की बजाय कि भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस है, इससे लोगों को फायदा होगा और साथ ही योजनाएं भी सफल होंगी। अन्यथा राज्य भले ही सफलता में देश की अगुवाई न कर पाए, लेकिन इस तरह भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के जरिए निश्चित ही पहले स्थान पर पहुंच जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस संबंध में कड़े कदम उठाएंगे और अपने भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस की नीति को सही साबित करेंगे। (हि.स.)





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