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पूर्वोत्तर में पहली बार बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्वर्ण प्राशन संस्कार का निशुल्क शिविर आयोजित

 


गुवाहाटी। वंदनीय लक्ष्मीबाई केलकर स्मारक समिति गुवाहाटी के तत्वाधान में श्री दिगंबर जैन पंचायत, आयोनिक्स हेल्थ केयर व डाबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से फैंसी बाजार एमएस रोड स्थित महावीर भवन में असम में प्रथम बार आयुर्वेदिक रोग प्रतिरोधक हेतु अन्यतम कार्यक्रम स्वर्ण प्राशन संस्कार का निशुल्क शिविर का आयोजन लक्ष्मीबाई केलकर समिती की अध्यक्षा डा नीलीमा गोस्वामी की अध्यक्षता मे किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि के रुप में असम की प्रथम महिला श्रीमती प्रेम मुखी व विशिष्ट अतिथि के रुप में सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ रमाकांत शर्मा और डॉक्टर ओम प्रकाश गुप्ता व राष्ट्र सेविका समिती की अखिल भारतीय सह कार्य वाहक सुनीता हेलडेकर व प्रमोद हरलालका ने भारत माता के चित्र के आगे दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर श्रीमती प्रेम मुखी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्ण प्राशन संस्कार आयुर्वेदिक का एक मिश्रण है। जो की बूंद के माध्यम से बच्चों को उनके शरीर के वर्धन के लिए दिया जाता है। जो बच्चों को हर प्रकार से स्वस्थ बनाने में कार्य करता है। इस अवसर पर श्रीमती मुखी ने बच्चों को स्वर्ण औषधीय की बूंद पिलाई। इसके अलावा भी अन्य कई बच्चों को यह खुराक दी गई। इस अवसर पर डॉ ओपी गुप्ता ने स्वर्ण प्राशन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हमारे भारत की प्राचीन संस्कृति व सनातन धर्म में वेदो का बहुत महत्व है। जो हमको स्वास्थ्य कल्याण के विषय में ज्ञान देते हैं।स्वर्ण प्राशन संस्कार शिशुओं के लिए श्रेष्ठ है। आजकल हम संस्कार से दूर होते जा रहे हैं जिसके कारण समाज में जो मूलभूत भावना है वह थोड़ी कम हो गई है।डॉ रमाकांत शर्मा ने कहा कि स्वर्ण प्राशन इतना प्रासंगिक है कि इससे शिशु की मेधा व आयु की वृद्धि होती है। आयुर्वेद में स्वर्ण उत्तम रसायन है। यह मेधा वर्धक है। जिसमें स्मरण शक्ति बढ़ती है। बच्चों को इसकी एक बूंद पिलाने से उनकी स्मृति में भी वृद्धि होती है। इस कार्यक्रम से पहले गायत्री महामंत्र से हवन करके पर्यावरण को शुद्ध करने का कार्य किया गया।कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मीबाई केलकर स्मारक समिति की सचिव सीमंतिनी बरुआ ने किया

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