ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
कहा आगामी चुनाव के मद्देनजर सरकार हटा रही है करोना के पाबंदियों पर
लखीमपुर। हिंदू युवा छात्र परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष बोलेन वैश्य और साधारण सचिव माधव दास ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को आगाह किया है कि असम में रिक्त हुए विधानसभा के पदों पर होने वाली चुनाव के मद्देनजर सरकार द्वारा करोना के संक्रमण से आम जनता के लिए प्रतिबंधित कानूनों में छूट दिया जाना आम जनता के लिए अहितकर होगा। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को आगाह किया अगर वास्तविक रूप से राज्य में करोना की स्थिति पर नियंत्रण हो जाए उसके बाद छूट देना ही जनता के लिए हितकर होगा। आजकल अधिकतर लोग दुकानों से करोना संक्रमण की जांच की कीट खरीद कर अपने घरों में ही करोना संक्रमण की जांच कर लेते और घर में ही किसी दवाखाने से दवा लाकर अपना इलाज करके ठीक हो जाते हैं इसलिए कोरोना संक्रमित लोगों का सटीक आंकड़ा सरकार तक नहीं पहुंच पा रहा है । विज्ञप्ति में कहा कि विगत चुनाव के पश्चात आई करोना की दूसरी लहर से सरकार को सीख लेनी चाहिए । क्योंकि चुनाव के समय सरकार ने करोना के संक्रमण पर ध्यान नहीं दिया और जनसभाओं में लोगों का आना-जाना नेताओं का दौड़ना जारी रहा। जिसके फलस्वरूप करोना की दूसरी लहर का प्रभाव असम में सबसे ज्यादा रहा। इस गलती को असम विधानसभा के रिक्त पदों पर होने वाले चुनाव के पूर्व पुनः दोहरा रही है सरकार। ताकि चुनाव के पूर्व सरकार के नेतागण संबंधित इलाकों में दौरा कर सके वहां जनसभाओं को एकत्रित कर सके और जनसभाओं में सरकार के प्रति आकर्षण कर अपने उम्मीदवारों को चुनाव में जीत दिला सके ।मात्र इस उद्देश्य से करोना संक्रमण की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटाना असम के जनता के लिए अहितकर ही होगा ।हालांकि इनके प्रेस विज्ञप्ति द्वारा जारी इस मंतव्य को आम आम जनता ने समर्थन देते हुए कहा है यह विचार सभी आम नागरिकों के मन में है कि सरकार चुनाव के मद्देनजर ही यह आंकड़ा प्रस्तुत कर रही है कि असम में करोना संक्रमण की दरें लगभग खत्म हो चुकी है और सभी जगहों पर छूट दी जाएगी परंतु आम जनता के मन में सरकार के दिए गए दिशा निर्देशों के खिलाफ बोलने का साहस नहीं। आज हिंदू युवा छात्र परिषद द्वारा इस सच्चे मंतव्य को उठाने के लिए आम जनता के तरफ से हिंदू युवा छात्र के नेताओं को आज अप्रत्यक्ष रुप से समर्थन प्राप्त है। परिषद की ओर से प्रेषित इस विज्ञप्ति मै परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष बोलेन वैश्य और साधारण सचिव माधव दास ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ने असम में इतना भयानक रूप दिखाया जिसके फलस्वरूप जहां-तहां कोरोना से मरने वालों के शवों का अंतिम संस्कार होता देखा गया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आगामी स्वतंत्रता दिवस के बाद कोरोना के नए नीति निर्देश निर्धारित करने के साथ ही कई तरह के छूट देने के इशारे को राजनीतिक के फायदे के लिए जारी किए जाने की आशंका परिषद के नेता ने व्यक्त की हैं। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान कैबिनेट में स्थान प्राप्त करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अठारह अगस्त से असम भ्रमण और राज्य में होने वाले तीन उप चुनाव को देखते हुए कोरोना को नियत्रंण में बताते हुए नीति नियमों में रिहाई देने की योजना बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो राज्य में पुन: कोरोना की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसके फलस्वरूप लॉकडाउन और संध्या कानून जैसी परिस्थिति से राज्य की जनता को गुजरना पड़ेगा। वर्तमान समय में आॢथक रूप से टूट चुके राज्य के निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने आत्महत्या के सिवा और कोई दूसरा रास्ता ना होने की बात परिषद के नेताओं ने कही। लिहाजा, स्वतंत्रता दिवस के बाद दी जाने वाली छूट के परिणाम स्वरूप पुन: लॉकडाउन, कंटेनमेंट जोन की ओर राज्यवासियों को धकेला ना जाए इस पर नजर रखने की चेतावनी परिषद ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को दी।








पत्र कार महोदय जरा गुवाहाटी रेलवे स्टेशन और कामख्या स्टेशन पर भी जाकर देखो करोना टेस्टिंग का किया सिस्टम हे सिर्फ नाम का टेस्टिंग हे आम पब्लिक को परेशान करना कई पैसेंजर रुपिया देकर स्टेशन से बहार निकल जाते हे आराम से ये किया सिस्टम हे सरकार का 😡😡
जवाब देंहटाएं