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मैं नौकरी के लिए खेल में नहीं आईः लवलीना

 


डीएसपी की नौकरी मुझे ड्यूटी के लिए नहीं दी गयी

गुवाहाटी। ओलंपियन महिला मुक्केबाज लवलीना बरगोहाईं ने कहा कि मैं नौकरी करने के लिए खेल में नहीं आई। मेरा लक्ष्य ओलंपिक था। साथ ही कहा कि डीएसपी की नौकरी मुझे ड्यूटी करने के लिए नहीं दी गयी है। मैं देश के लिए मेडल अर्जित कर अपनी ड्यूटी करूंगी।


लवलीना ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में खेल के विषय को भी शामिल किया जाना चाहिए। तभी जाकर छोटी आयु से ही सभी खेल से जुड़कर आगे बढ़ पाएंगे।


उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को यहां होटल ताज विवांता में पहली बार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लवलीना ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि छोटी आयु से खेल से जुड़ने पर भारतीय प्रतिभाओं को आगे लाया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि हमारे देश के खिलाड़ी काफी परिश्रम करते हैं। ऐसे में खेल को यदि शिक्षा का जरूरी हिस्सा बना दिया जाए तो अगले दस वर्षों में काफी मेडल अर्जित करने वाले भारतीय खिलाड़ी सामने आने लगेंगे। हम दूसरे देशों को पीछे छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में खेल को लेकर काफी समस्याएं हैं।


लवलीना ने कहा कि खेल को शिक्षा के क्षेत्र में प्रमुखता नहीं दी गयी है। साथ ही कहा कि खेलते जाएं और सीखते जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रशिक्षक भी खेल-खेलकर सीखते हैं। ओलंपियन ने कहा कि करियर को लेकर अभिभावक बच्चों को खेल के क्षेत्र में जाने नहीं देते हैं। जबकि, विदेशों में खेल के क्षेत्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने की सुविधा है। ऐसे में वैज्ञानिक पद्धति के जरिए सीख सकते हैं।


उल्लेखनीय है कि ओलंपिक में पदक हासिल करने के बाद लवलीना गुरुवार को पहली बार गुवाहाटी पहुंची थीं। गुवाहाटी हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने उनका जोरदार स्वागत किया था। साथ ही असम सरकार की ओर से पांजाबारी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के प्रेक्षागृह में असम सरकार की ओर से भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें मुख्यमंत्री ने लवलीना की इस उपलब्धि के लिए असम सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये का चेक, डीएसपी की नौकरी, गुवाहाटी में एक सड़क नाम लवलीना के नाम से घोषित करने, अगले ओलंपिक की तैयारी के लिए प्रति माह एक लाख रूप की स्कॉलरशिप, सरुपथार में 25 करोड़ रुपये की लागत से क्रीड़ा प्रकल्प और चार प्रशिक्षकों को 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की थी।


वहीं, असम प्रदेश कांग्रेस ने भी तीन लाख रुपये का चेक प्रदान किया था। जबकि, राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने पांच लाख रुपये का चेक प्रदान करते हुए स्वागत किया था। लवलीना आज पुनः दिल्ली लौट जाएंगी। आगामी 17 अगस्त को वे गोलाघाट जिलांतर्गत अपने गृहनगर जाएंगी।

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