अमित नागोरी
गोलाघाट जिले के वाटिंग और जामगुड़ी पंचायत के अंतर्गत प्रायः 20 जंगली हाथियों के एक जत्थे ने पिछले कुछ दिनों से अंचल में आतंक मचा हुआ है जिस कारण स्थानीय लोग परेशान हैं । नाम्बर वनांचल में चल रहे अवैध बेदखली करन और खाद्य संकट ने हाथियों को अपने जगह से निकलने पर मजबूर कर दिया है । स्थानीय लोगों की माने तो पिछले 15 दिनों से करीब 50 जंगली हाथीयो के एक दल ने अंचल में त्राहिमाम मचाया हुआ है और लोगों के धान की खेती , सब्जियों की खेती आदि को भी तहस-नहस कर रखा है । स्थानीय लोगों ने वन विभाग , जिला प्रशासन द्वारा कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जाने की कड़ी शब्दों में निंदा की है । इस दौरान प्रकृति कृषक उन्नयन संस्था नामक एक स्वेच्छा सेवी संगठन के साधरण सचिव देबासिष बोरा ने गोलाघाट के जिला उपायुक्त के तीव्र शब्दों में निंदा की है । स्थानीय लोगों ने असम के वन मंत्री को जंगली हाथियों के उपद्रव थाली में उपस्थित होकर क्षतिग्रस्त स्थानों का दौरा करने तथा भुक्तभोगी लोगो को मुआवजा प्रदान करने की मांग की है अन्यथा जल्द ही जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक घेराव कार्यसूची की चेतावनी दी है ।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें