अमित नागोरी
दिल्ली के जीडी गोयनका स्कूल की छात्रा आलियाह जैन ने नौ साल की छोटी सी उम्र में ही उन्नीस कविताओं का अपना संग्रह प्रकाशित कर दिया है और उक्क्त संग्रह का नाम है नाइंटीन @ नाइन । आलिया गोलाघाट के जितेंद्र जैन और प्रीति जैन की पुत्री हैं जो वर्तमान में नई दिल्ली में रहते है ।
आलियाह की कविता के प्रति रुझान सात वर्ष की उम्र में ही शुरू हुई और उसके बाद से उसके माता पिता ने उसे अपने विचारों को लिपिबद्ध करने के लिए प्रोत्साहित किया । एक दिन, उसके माता-पिता ने महसूस किया कि उसके पास कविताओं का एक संग्रह है जब उन्होंने अपने बेटी की कविताओं को एक पुस्तक में तब्दील करने का फैसला किया ।
आलियाह की माने तो वो ये कविताएं रोज लिखती है इसलिए उसे 5 महीने लगे , इनमे अधिकांश कविता प्रकृति के बारे में हैं। और कुछ उन चीजों के बारे में है जो उसके सपने में आते है । आलियाह को स्वयं की कविताओं में माइ विंडो , माइ वर्ल्ड बहुत पसंद है । उसने एक कविता ए न्यू डे , कोरोना के ऊपर लिखी है जिसमे उसने सकारात्मक विचार को दर्शाया है ।
आलियाह के पिता जितेंद्र जैन जो पेशे से सी.ए और सी. एस है , और चेसिंग 33 नामक एक उपन्यास के रचयिता है का मानना है कि आलियाह की कविता विशिष्ट विचार हैं और पुस्तक बच्चों की जिज्ञासा के बारे में है। कभी-कभी हमें जीवन को फिर से समझने और सांसारिक जादू को खोजने के लिए किसी बच्चे से बात करने की आवश्यकता होती है ।
कवि, पत्रकार, पूर्व सांसद और फिल्म निर्माता प्रीतिश नंदी ने इस नो वर्ष की बच्ची के कविताओं की भूरी भूरी प्रशंशा की है । उन्होंने उक्क्त पुस्तक के लिए प्रस्तावना भी लिखी है । जिसमे उन्होंने उल्लेख किया है कि आलियाह की कविताओं का संग्रह फिर से मासूमियत की आखरी ट्रैन पकड़ने जैसा है ।
उक्क्त कविताओ की रचना अमेज़न , फ्लिपकार्ट , किंडल आदि में उपलब्ध है ।








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