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पांडु बंदरगाह का केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने लिया जायजा



-2022 के मई से पांडु में शुरू होगा जहाज मरम्मत केंद्र का काम


गुवाहाटी। केंद्रीय बंदरगाह, जहाज परिवहन और जल मार्ग एवं केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को गुवाहाटी के पांडु बंदरगाह में पहुंचकर भारतीय आभ्यंतरीन जल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। उन्होंने प्राधिकरण के अधीन असम तथा समग्र पूर्वोत्तर के लिए चलायी जा रही विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की। मंत्री सोनोवल ने असम तथा पूर्वोत्तर की आर्थिक व्यवस्था को और तेज करने के क्षेत्र में जल मार्ग की संभावना के मद्देनजर इनके समुचित उपयोग जोर देने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय हैं कि केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने पांडु बंदरगाह में जहाजों के मरम्मत केंद्र की क्रियान्वयन तथा अन्य विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के मई महीने से मरम्मत केंद्र औपचारिक रूप से कार्य करना शुरू करेगा। इसका निर्माण का कार्य अगले दो साल के अंदर पूरा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि जहाज मरम्मत केंद्र का काम पूरा होने से असम में जहाज मरम्मत का काम बहुत तेज गति पूरा किया जा सकता है।

आईआईटी मद्रास इस केंद्र के साथ संयुक्त रूप से तकनीकी सहयोग मुहैया कराएगा। भारतीय आभ्यंतरीन जलमार्ग प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड की संयुक्त पहल पर इस जहाज मरम्मत केंद्र का कार्य शुरू किया जाएगा।

सोनवाल ने कहा कि अंग्रेजों के शासन के समय एवं वर्तमान में भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट जलमार्ग पर बहुत जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीच के समय में समय मार्ग को महत्व नहीं दिया गया। जिसके कारण स्थानीय किसानों के कृषि उत्पादों को उपयुक्त बाजार नहीं मिल पाया। साथ ही आयात -निर्यात प्रक्रिया बहुत धीमी हो गयी थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के द्वारा अब भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल्स जलमार्ग को विकसित कर व्यापार, वाणिज्य, आयात-निर्यात पर जोर दिया गया है। इसके द्वारा असम तथा पूर्वोत्तर के किसान और स्थानीय व्यवसायियों का इसका भरपूर लाभ मिल रहा है।

सोनोवल ने कहा कि असम के विभिन्न जलमार्गों की जैसे ब्रह्मपुत्र, बराक, धनसिरी आदि नदी के आधारभूत ढांचा को विकसित करने पर विशेष रुप से ज़ोर देने के लिए उच्च अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।

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