-किताब पढ़ने की संस्कृति तैयार करना होगा- डॉ. रनोज पेगू
-कड़ाके की ठंड में भी चांदमारी पुस्तक मेला में किताब प्रेमियों की भीड़
गुवाहाटी। गुवाहाटी के चांदमारी स्थित असम अभियांत्रिक प्रतिष्ठान के खेल मैदान में बुधवार से असम प्रकाशन परिषद, सदौ असम पूथी प्रकाशक और बिक्रेता संस्था के संयुक्त पहल पर 12 दिवसीय पुस्तक मेला आरंभ हुआ। पुस्तक मेला के आरंभ होने से लेखक, साहित्यिक, पुस्तक प्रेमियों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा। आगामी 09 जनवरी तक यह पुस्तक मेला चलेगा। पुस्तक मेला का उद्घाटन बुधवार की शाम को असम सरकार के शिक्षा मंत्री तथा असम प्रकाशन परिषद के अध्यक्ष डॉ. रोनोज पेगू ने किया।
पुस्तक मेला का उद्घाटन करने के बाद मंत्री डॉ. पेगू ने कहा कि किताब पढ़ने का अर्थ है मन की शांति। अब लोगों में किताब पढ़ने की इच्छा बढ़ने लगी है। उन्होंने असमिया भाषा से अन्य वैश्विक भाषा और जन समुदायों की भाषा से असमिया भाषा में पुस्तकों के अनुवाद पर जोर दिया।
बुधवार को असम ग्रंथ पुस्तक मेला के पहले दिन ही चांदमारी स्थित मैदान में पुस्तक प्रेमियों की काफी भीड़ दिखाई दी। कड़ाके की ठंड में भी पुस्तक प्रेमी पुस्तक मेला में पहुंचे थे। इस पुस्तक मेला में गुवाहाटी के साथ विभिन्न क्षेत्रों के 150 प्रकाशनों ने हिस्सा लिया है। इसमें बांग्लादेश की 10, दिल्ली की 10, कोलकाता से 05 प्रकाशनों ने हिस्सा लिया है।
पुस्तक मेला के उद्घाटन समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप असम सरकार के शिक्षा विभाग के सलाहकार डॉ. नोनी गोपाल मंहत भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इंटरनेट, सोशल मीडिया के व्यापक प्रसार के बावजूद समाज में पुस्तक का क्रेज कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि साहित्य पुस्तक के अलावा ज्ञान केंद्रित पुस्तक की बहुत जरूरत है। इस क्षेत्र में सृष्टिशील साहित्य के साथ शोध कार्य पुस्तक की भी जरूरत है।
विशिष्ट अतिथि के रूप उपस्थित असम साहित्य सभा के अध्यक्ष अध्यक्ष कुलधर सैकिया ने नई पीढ़ी को किताब के प्रति आकर्षित करने के लिए अभिभावकों का आह्वान किया। उन्होंने कहा है कि नई पीढ़ी को किताब पढ़ने के लिए उत्साहित करना होगा, तभी किताबों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। पाठकों के उपयोगी अथवा उनकी मन की इच्छानुसार लेखकों को पुस्तकों का सृजन करना होगा। नए विषय पर असमिया भाषा में किताब प्रकाशन के क्षेत्र में उन्होंने विशेष जोर देने का आह्वान किया। उन्होंने ई-बुक की सुविधा तथा असमिया भाषा को वैश्विक स्तर तक ले जाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि आज के उद्घाटन समारोह में असम प्रकाशन परिषद ने आठ किताबों का विमोचन किया है। पुस्तक मेला के उद्घाटन समारोह में नंदिता देवी को उनके "बंगल बहु दूर" शीर्षक उपन्यास के लिए प्रकाशन परिषद साहित्य पुरस्कार और इस पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए ज्योति प्रकाशन के प्रमुख नगेन शर्मा को प्रकाशन के लिए प्रकाशन परिषद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षा मंत्री डॉ पेगू ने यह पुरस्कार प्रदान किया।
आज के इस कार्यक्रम में असम प्रकाशन परिषद के उपाध्यक्ष सुमंत चालिहा, राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के विशेष आयुक्त सचिव प्रीतम सैकिया के साथ अन्य सम्मानित व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
उल्लेखनीय है कि कोरोना मरामारी के चलते गत दो वर्षों से पुस्तक मेलों का आयोजन नहीं हो पा रहा था। ऐसे में दोनों संगठनों ने अलग-अलग पुस्तक मेलों का आयोजन न कर संयुक्त रूप से एक ही पुस्तक मेला आयोजित करने का निर्णय लिया था। इसी के तहत आज से 12 दिवसीय पुस्तक मेला आरंभ हुआ है।
(हि.स.)







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