ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी की रिपोर्ट
दोनों लखीमपुर चिकित्सा महाविद्यालय में चित्सधीन
लखीमपुर जिले के असम-अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे बंदरदेवा में जानलेवा नशीले पदार्थ ड्रग्स के तस्करी के खतरे के कारण सामाजिक पर्यावरण के विनाश को लेकर सीमा पर मौजूद लोग अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ड्रग माफिया हर बार नए-नए हथकंडे अपना रहें हैं और डिमापुर, नगांव और गुवाहाटी आदी से नशीले पदार्थ ड्रग्स एकत्र कर बंदरदेवा को नशे के अड्डे में तब्दील किए हुए हैं। और फिर बंदरदेवा से प्रतिबंधित ड्रग्स तस्करों द्वारा अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर सहित कई क्षेत्रों में पहुचाया जा रहा है| पुलिस को इस मामले में अभी तक ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई है| ड्रग्स तस्करी के लगातार फैलाव के बीच कल रात बंदरदेवा पुलिस के द्वरा एक एनकाउंटर में दो ड्रग्स तस्कर घायल हो गए। आज बंदरदेवा पुलिस चौकी के प्रभारी निपन गोगोई ने कहा की कल रात करीब 10.45 बजे दो ड्रग्स तस्कर आजिजुर रहमान और सहिदुल अली से पूछताछ के बाद बंदरदेवा पुलिस ड्रग्स की घाटी के तलाश में बंदरदेवा के डिकरोंग नदी के किनारे बसे दो नंबर पार्वतीपुर गाँव में दोनों को लेकर गई थी। पुलिस के वाहन से भागने की कोशिश करने पर तथा पुलिस द्वारा दोनों तस्करों को सावधान करने के बावजूद न रुकने पर पुलिस ने दोनों के टांगों में गोली दाग दी और फिर से दबोचने में कामयाब रही। फिलहाल पुलिस के एनकाउंटर में घायल हुए दोनों तस्कर आजिजुर रहमान और सहिदुल अली का लखीमपुर चिकित्सा महाविद्यालय में इलाज चल रहा है| गौरतलब है कि पथालीपहाड़ के रास्ट्रीय राजमार्ग संख्या 15 पर स्थित टोलगेट के पास नाटकीय ढंग से लाखों रुपये की ड्रग्स सहित तीन तस्करों क्रमंश नगांव जिले के आजीजुर रहमान (27), साहिदुल अली (26) और राजेश माझी (21) को पुलिस ने दबोचा था| जानकारी के अनुसार एएस07 6564 नंबर की ऑल्टो कार के साथ ड्रग्स लाया जा रहा था। प्रतिबंधित नशीले पदार्थ ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान बिहपुरिया थाना अधिकारी उत्पल बोरा और बंदरदेवा पुलिस चौकी के प्रभारी निपन गोगोई के नेतृत्व में चलाया गया था।







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