मुख्यमंत्री का सराहनीय कदम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लखीमपुर की जनता के समक्ष किए गए अपने वायदे को सकारात्मक रुप देते हुए जोरहाट जिले के निमातीघाट के पास ब्रम्हपुत्र नद में टिपकाई नामक जहाज और मां कमला नामक एक यंत्र चालित नाव (फेरी) के बीच आमने सामने की टक्कर के दुर्घटना मे मृतक लखीमपुर जिले के नाओबोयसा विधानसभा चुनाव क्षेत्र के माधवपुर गांव निवसी स्वर्गीय इंदेश्वर बोरा की अपनी पत्नी रुपरेखा बोरा को उनके संस्थापन हेतु 10 दिसंबर 2021 को शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रुप में नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक मानव डेका के इस शोक संतप्त परिवार के प्रति मदद करने की कोशिश तथा असम सरकार के इस निर्णय का इस शोक संतप्त परिवार सहित आम जनता एवं लखीमपुर जिला प्रशासन ने भुरी -भुरी प्रशंसा करते हुए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन कि किया है।
उल्लेखनीय है कि गत 8 सितंबर 2021को जोरहाट जिले के निमातीघाट के पास ब्रम्हपुत्र नद में टिपकाई नामक जहाज और मां कमला नामक एक यंत्र चालित नाव (फेरी) के बीच आमने सामने की टक्कर से कमला नामक एक यंत्र चालित नाव (फेरी) नद मे डुब गई थी।इस फेरी मे 120 यात्री सवार थे।इस दुर्घटना मे लखीमपुर जिले के नाओबोयसा विधानसभा चुनाव क्षेत्र के माधवपुर गांव निवसी इंदेश्वर बोरा की अपनी पत्नी रुपरेखा बोरा की जान बचाने के बाद अन्य लोगों की जान बचाने की कोशिश में मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के पश्चात 29 सितम्बर को असम के मुख्यमंत्री हेमंत वबिस्वा सरमा ने अपने लखीमपुर दौरे के दौरान स्वर्गीय इंदेश्वर बोरा के गांव जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी थी। उसी समय वहां उपस्थित जनता की मांग पर उन्होंने स्वर्गीय इंदेश्वर बोरा की पत्नी को जीवन यापन करने के लिए सरकार की ओर से संस्थापन देने का आश्वासन दिया था।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें