दयानंद सिंह
मोरानहाट। नवंबर महीने के पहले सप्ताह में मोरान के विधायक चक्रधर गोगोई ने एक सफाई अभियान के जरिए "क्लीन मोरान ,ग्रीन मोरान "का नारा दिया।आम लोग बड़े खुश हुए कि शायद गांव पंचायत के अधीन मोरान शहर अब साफ रहेगा। लेकिन जब डिब्रूगढ़ जिला के अधीन खोवांग आंचलिक पंचायत के अंतर्गत दिखारी-मोरान गांव पंचायत ने 24और तिलै नगर गांव पंचायत ने 6 लेसी को नियुक्ति दी।साथ ही एन एच 37के किनारे पार्किंग कर संग्रह का दायित्व लेसियों को सौप दिया।लेसियों ने 11नवंबर से पार्किंग कर दो पहिया वाहनों के लिए 5रुपये तथा चार पहिया वाहनों से 10रुपये वसूली शुरू कर दी। किसी लेसी द्वारा कुछ लोगों से दुर्व्यवहार करने पर लोग भड़क गए।तुरंत मोरान नागरिक समाज की बैठक में पार्किंग कर का विरोध करने का निर्णय लिया गया। मोरान नागरिक समाज के सभापति ड०गिरिन फूकन और सचिव ड०जतिन सुतिया ने पार्किंग कर को अवैध करार देते हुए मोरान राजस्व चक्राधिकारी के माध्यम से डिब्रूगढ़ जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। नागरिक समाज ने असम पंचायत अधिनियम -1994का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि गांव पंचायत द्वारा निर्मित पथ पर कर वसूली कर सकती है। लेकिन राष्ट्रीय पथ पर पार्किंग कर वसूली का अधिकार गांव पंचायत को नहीं है।बताते चलें कि मोरान पौर सभा इलाके में भी पार्किंग कर वसूली के लिए लेसियों की नियुक्ति हो गई है । जल्द ही कर संग्रह शुरू की जाएगी। अब पार्किंग कर से संग्रह राशि का पौर और गांव पंचायत की साफ सफाई पर उपयोग होगा ,वक्त पर पता चल पाएगा।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें