- गुरुवार को पूरा होगा बीटीआर समझौते के दो वर्ष
कोकराझार (असम)। बोडोलैंड टेरिटोरियल रिजन (बीटीआर) समझौते को आगामी गुरुवार को दो वर्ष पूरा हो जाएगा। 27 जनवरी, 2020 को बोडो जातीय संगठन आब्सू और सशस्त्र संगठन एनडीएफबी के चार समूहों ने ऐतिहासिक बीटीआर शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था। जिसके चलते बीटीआर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में एक बड़ी सफलता मिली है।
ये बातें आज बीटीआर की सत्ताधारी पार्टी यूपीपीएल के कार्यकारी अध्यक्ष रंगौरा नार्जारी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते कही। बीटीआर समझौते के दो साल पूरे होने की पूर्व संध्या पर आज मीडिया को संबोधित करते हुए नार्जारी ने इसे यूपीपीएल की बड़ी उपलब्धि करार दिया।
उन्होंने कहा कि बोडो भूमि में लंबे समय से चल रहे आंदोलन और विभिन्न जातीय समूहों के बीच दरार को बीटीआर समझौते से सभी समुदायों के बीच शांति, सद्भाव एंव उन्नति की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा कि बीटीआर समझौता पिछले दो वर्षों में लागू किया गया है और समझौते के शेष खंडों को सौ प्रतिशत पर लागू किए जाने की उम्मीद है।
नार्जारी ने कहा कि यूपीपीएल को भी उम्मीद है कि आगामी दो वर्षों में समझौते के शेष बातों को लागू किया जाएगा। वहीं राज्यसभा की दो सीटों के लिए यूपीपीएल, भाजपा और अगप के बीच एक साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपीपीएल पार्टी को उम्मीद है कि हमारे गठबंधन को राज्यसभा की दोनों सीटें मिलेंगी। संवाददाता सम्मेलन में यूपीपीएल की उपाध्यक्ष प्रतिभा रानी ब्रह्म और महासचिव राजू ब्रह्म भी उपस्थिति थे।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें