नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने नापतौल आनलाइन शॉपिंग प्राइवेट लिमिटेड के इलेक्ट्रिक मॉस्क्युटो रेपेलेंट एंड इंसेक्ट किलर नाइट लैंप के विज्ञापन पर रोक लगा दिया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज निखिल चोपड़ा ने डाबर इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
कोर्ट ने नापतौल आनलाइन शॉपिंग प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया कि वो अपने वेबपेज से ये विज्ञापन अगले आदेश तक हटाएं। डाबर इंडिया की ओर से वकील मोहम्मद साजिद ने कहा कि नापतौल आनलाइन ने अपने शॉपिंग प्लेटफार्म पर अपने प्रोडक्ट के विज्ञापन में डाबर के प्रोडक्ट ओडोमॉस की शिकायत की है। साजिद ने कहा कि नापतौल के विज्ञापन में ओडोमॉस के बारे में झूठ प्रचारित करते हुए कहा गया है कि उसके इस्तेमाल से एलर्जी होती है। साजिद ने कहा कि डाबर ने ओडोमॉस प्रोडक्ट की शुरुआत 1962 में की थी। ओडोमॉस का बाजार में अच्छा नाम है।
डाबर हाजमोला, पुदीन हरा, वाटिका, डाबर च्यवनप्राश इत्यादि जैसे मशहूर ट्रेडमार्क का उत्पादन करती है। डाबर इंडिया की याचिका में कहा गया है कि नापतौल ऑनलाइन शॉपिंग के प्रोडक्ट कोड 8363 के विज्ञापन में ओडोमॉस को के बारे में भ्रामक जानकारी देकर उसे बदनाम करने की कोशिश की गई है। नापतौल के विज्ञापन में ओडोमॉस को एलर्जी का मुख्य स्रोत बताया गया है।







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