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लखीमपुर में पालतू कुत्ते को पकड़ने गए वनकर्मियो के दल को गांव वालो ने पांच घंटो तक बनाया बंधक



ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी

लखीमपुर। लखीमपुर में पालतू कुत्ते को पकड़ने गए वन कर्मियो के दल को गांव वालों ने पांच घंटो तक बंधक बनाकर रखा। घटना लखीमपुर जिले के पानीगांव थाना के अंतर्गत बोसाचूक गांव की है। लखीमपुर वन विभाग से पालतु कुत्ते को पकड़ने गए वन कर्मियो को गांववालो के चुंगल से मुक्ति पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी । घटना के विवरण के अनुसार प्राय 35 राह चलते लोगों को काटकर माहोल को आतंकित करने वाले बोसाचूक निवासी पप्पू दास के पालतू कुत्ते को पकड़ने की है । प्राप्त जानकारी के अनुसार पप्पू दास के इस पालतु कुत्ते ने राह चलते लगभग 35 लोगो को काट कर उक्त इलाके में अपना आतंक मचाने के साथ साथ अपना साम्राज्य स्थापित कर रखा था जिसको पकड़ने के लिऐ लखीमपुर जिले की पानीगांव पुलिस ने लखीमपुर अंचलिक वन विभाग से गुहार लगाई । पानीगांव पुलिस द्वारा मदद के लिए लगाई गई गुहार को सम्मान करते हुए कल जब आंचलिक वन विभाग की और से वनकर्मी दीपक दत्त के नेतृत्व में पांच लोगो का एक दल पानीगांव पुलिस के मात्र एक होम गार्ड के साथ बोसाचूक निवासी पप्पू दास के निवास स्थान पर पंहुचा और वही से उस पालतु कुत्ते को पकड़ने को निकल पड़े जिसको काफी मशक्कत के बाद भी पकड़ पाने में नाकामयाब हुए । एक पालतू कुत्ते को पकड़ने में वन कर्मियों एवं पुलिस प्रशासन की नाकाबिलियत को देखने के पश्चात स्थानीय लोगों ने अपने सब्र की सीमा को तोड़ते हुए पालतू कुत्ते को बहादुरी के साथ पकड़ने आए वन कर्मी एवं होमगार्ड पर अक्रोशित हो उठे और कहने लगे की जो वन कर्मी और पुलिस कर्मी एक पालतू कुत्ते को नहीं पकड़ सकते वह गुनहगारों को क्या पकड़ेंगे । वन विभाग और पुलिस प्रशासन के नाकामयाबी को देखते हुए आक्रोश में आए गांव वालों ने इस पूरे दल को 5 घंटों तक बंधक बनाकर रखा । ताकि इनके नाकामयाबी की गुहार लखीमपुर वन विभाग एवं जिला पुलिस प्रशासन तक पहुंच सके। आक्रोषित ग्राम वासियों द्वारा बंधक बनाकर रखे गए नाकामयाब वन एवं पुलिस कर्मियो को मुक्त करवाने के लिऐ स्थानिय गांवबूढ़ा, बिडीपी वाहिनी, इत्यादीयो ने उक्त दल को वहा से मुक्त करवाने की काफी कोशिश की लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों के आक्रोश के आगे उनकी कोशिश कोई रंग नही लाई । वही दुसरी तरफ वन कर्मी दीपक दत्त ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि पानीगांव पुलिस द्वारा बंधक बनाए गए दल को मुक्त करवाने के लिऐ जिस प्रकार का सहयोग करना चाहिए था वैसा उनकी और से नही किया गया । तथा वहा से वो अपने बलबूते पर पांच घंटे बंधक बनकर रहने के पश्चात् बंधक मुक्त हो कर वहा से बाहर निकल कर आने मै सफल हुए हैं ।

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