ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
- ग्यारह सालों के लम्बे इंतजार के अंत में मिल मूर्त रूप मेडिकल कॉलेज को
- असम की सबसे सुंदर,भव्य चिकित्सालय है लखीमपुर मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री
- पाठ्यक्रम का शुभारम्भ
लखीमपुर। मुख्यमंत्री डॉ हिमन्त विश्वशर्मा ने राज्य की बहुअपेक्षित लखीमपुर मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय का औपचारिक उदघाटन करने के साथ ही आज से यहां पाठ्यक्रम का शुभारम्भ किये जाने की घोषणा की।लखीमपुर में कुल 168 बीघा जमीन पर निर्मित असम के आठवें मेडिकल कॉलेज की आम जनता को लोकार्पित किया। कुल 514 बिस्तरों वाले इस मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के निर्माण में कुल लागत पांच सौ 98 करोड़ है।उल्लेखनीय है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस चिकित्सालय में 80 आईसीयू बेड, सात प्रयुक्ति सम्पन्न ऑपरेशन थियेटर, इंटर्न के लिए 122 कमरे से युक्त आवास ,छात्रों के लिए 430 कमरों वाले होस्टल और चिकित्सकों के लिए 88 कमरों वाले आवास गृह ,अध्यक्ष, चिकित्सक तथा शिक्षकों के लिए आवास गृह,तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए भी कमरों से युक्त आवास गृह,की व्यवस्था की गई है।आज मुख्यमंत्री ने इस हॉस्पिटल का उदघाटन करते हुए कहा कि लखीमपुर के इस मेडिकल कॉलेज ने लखीमपुर वासियों तथा उत्तर पूर्व के लोगों की बहुअपेक्षित आशा को पूरा किया है।अत्याधुनिक सुविधाओं से निर्मित यह मेडिकल कॉलेज समूचे असम के भीतर सबसे सुन्दर और भव्य मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के रूप में चिन्हित किया गया है।साथ ही उन्होंने कहा कि असम के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को और अधिक उच्च शिखर पर ले जाने के लिए सरकार की अविरत यात्रा जारी रखा है।इससे पहले हम सभी असम में केवल तीन ही मेडिकल कॉलेज के बारे में जानते थे। लेकिनवर्तमान समय में असम सरकार के दृढ़ संकल्प के कारण अब कुल 8 मेडिकल कॉलेजों को पूरा किया गया है और भविष्य में 2025 तक राज्य वासियों को 24 मेडिकल कॉलेज मिलेंगे।लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के प्रसंग में उन्होंने बताया कि विगत वर्ष 2011 के 10 फरवरी को इस मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई थी।लेकिन लम्बे समय तक मेडिकल कॉलेज का काम कुछ भी नही हुआ।स्वास्थ्य मंत्री के रूप में रहने के दौरान हमारे दूसरे कार्यकाल में वर्ष 2017 की 8 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज के भूमि पूजन के बाद आज इसे सम्पूर्ण कर लिया गया है। इस मेडिकल कॉलेज को बहुत ही सुंदर तरीके से निर्माण किये जाने में भार्गव एसोसिएट और गौतम कंस्ट्रक्शन की भूमिका की भी सराहना की।खचाखच भीड़ से भरी इस सभा में मुख्यमंत्री ने नेशनल मेडिकल काउंसिल द्वारा अनुमोदन प्राप्त किये जाने के बाद पहले चरण में यहां सौ छात्र छात्राओं को शिक्षा ग्रहण की सुविधा उपलब्ध होने का उल्लेख किया।उन्होंने इसी साल धेमाजी, मोरीगांव, गोलाघाट, बोंगाईगांव और बाक्सा जिले में भी पांच मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य शुरू होने का उल्लेख किया।वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने लखीमपुर में एक विश्वविद्यालय के भी खोले जाने की दिशा में तेजी से काम किये जाने की बात कही।भविष्य में लखीमपुर मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज और डेंटल कॉलेज की स्थापना की व्यवस्था किये जाने की बात कही।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री स्व तरुण गोगोई ने लखीमपुर के इस मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी थी और बाद में पुनः वर्ष 2017 में सर्वानन्द सोनोवाल के सरकार के कार्यकाल में भूमि पूजन किया गया था।मुख्यमंत्री ने कृषिमंत्री अतुल बोरा की उपस्थिति में आज सुबह 11 बजे लखीमपुर के जहिंग पशु चिकित्सा विज्ञान कॉलेज का भी औपचारिक रूप से शुभारम्भ किये जाने के बाद सोराइमारी में नवनिर्मित जिला भाजपा कार्यालय का भी उदघाटन किया।इसके पूर्व उन्होंने 15 नं राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।दोपहर दो बजे उन्होंने लखीमपुर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का फीता काटकर उदघाटन किया।स्वास्थ्य संचालक अनूप कुमार दास, अधीक्षक बोबीजीत गोस्वामी की उपस्थिति में आज इस आयोजन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री केशव महन्त,सांसद प्रदान बरुवा, पल्लव लोचन दास, विधायक नव दोलोई, मानव डेका,अमिय कुमार भुइयां, पूर्व मंत्री तथा विधायक उत्पल दत्त,जिला उपायुक्त सुमित सेत्तावन, जिला भाजपा अध्यक्ष फनिधर बरुवा, आदि उपस्थित रहे।उक्त आयोजन के दौरान चिकित्सालय के अध्यक्ष अनूप कुमार दास ने नए छात्रों को शपथ ग्रहण का पाठ कराया।वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री को नोकारी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग पर असमिया युवा मंच की ओर से अनुपम सैकिया, महिला उद्योगिक प्रशिक्षण प्रतिष्ठान को पूरा किये जाने की मांग करते हुए असम जातीयवादी युवा परिषद की ओर से अध्यक्ष मनोज कलिता ने,दुलूंग संरक्षित वनांचल को अभ्यारण्य की घोषणा किये जाने और एक पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किये जाने की मांग करते हुए दुलूंग-सुवनशीरी कंजरवेशन सोसाइटी की ओर से कार्यवाहक अध्यक्ष पुण्यकांत मिली ,सचिव मजिन सोनोवाल ने मुख्यमंत्री को अलग अलग ज्ञापन सौंपा।







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