नाहन (सिरमौर)। महाशिवरात्रि पर पौड़ीवाला के प्राचीन शिव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ता है। यह शिवधाम हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन विधानसभा क्षेत्र में है। जनश्रुति है कि यहां स्थित शिवलिंग का आकार हर साल एक से दो इंच बढ़ जाता है। पौड़ीवाला का यह मंदिर पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाइवे-7 पर आमवाला-सैनवाला पंचायत में स्थित है। यह स्थान नाहन से करीब पांच किलोमीटर दूर है।
यहां सालभर शिवभक्त पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि पर सारा क्षेत्र हर-हर महादेव के घोष से गूंज उठता है। जनश्रुति है कि रावण ने अजर-अमर होने के लिए यहां शिवलिंग की स्थापना कर घनघोर तपस्या की। इससे खुश होकर शिव प्रकट हुए। भगवान शिव ने रावण से वरदान मांगा। भगवान ने कहा एक दिन में पांच चमत्कारी सीढ़ी बना दो तो अमरता और स्वर्ग में जाने का रास्ता मिल जाएगा।
ऐसी मान्यता है कि अमरता पाने को व्याकुल रावण ने पहली पौड़ी हरिद्वार में हर की पौड़ी, दूसरी पौड़ी यहां पौड़ीवाला में, तीसरी पौड़ी चूड़ेश्वर महादेव और चौथी पौड़ी किन्नर कैलाश में बनाई। इस दौरान रावण इतना थक गया कि उसे नींद आ गई। जब वह जागा तो सुबह हो चुकी थी। ...और उसे अमरता नहीं मिल पाई। पौड़ीवाला के इस शिवधाम में आज भी दूसरी पौड़ी विद्यमान है। कहा तो यहां तक जाता है कि पौड़ीवाला के शिव मंदिर में साक्षात भगवान शंकर वास करते हैं। वो यहां आने वाले हर श्रद्धालु की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। यहां हर साल महाशिवरात्रि पर मेला लगता है। मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
आमवाला-सैनवाला पंचायत के प्रधान संदीपक तोमर कहते हैं कि यह स्थान पौराणिक और त्रेताकालीन है। जन सहयोग से यहां पहुंचने के लिए सड़क, पानी इत्यादि की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।




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