-ब्रह्मपुत्र नद की बाढ़ और तट कटाव के स्थायी समाधान के लिए अपनाई गई योजनाओं पर हुई चर्चा
गुवाहाटी। असम सरकार के जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने आज दिसपुर जनता भवन में अपने कार्यालय के बैठक कक्ष में विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस अब्बासी और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता की मौजूदगी में मंत्री हजारिका ने ब्रह्मपुत्र घाटी के कई जिलों के अभियंताओं से ब्रह्मपुत्र नद की बाढ़ और तट कटाव को लेकर चर्चा की।
खासतौर पर आज की बैठक में असम की बाढ़ एवं नदी तट कटाव प्रबंधन एजेंसी (एफआरएमए) द्वारा ब्रह्मपुत्र नद की बाढ़ और तट कटाव को नियंत्रित करने के लिए लागू की जाने वाली योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ और नदी तट कटाव प्रबंधन एजेंसियों (एफआरएमए) द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली जल संसाधन विभाग की पहले से मौजूद योजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
आज की बैठक में मंत्री हजारिका ने विभागीय अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे विभाग के चल रहे कार्य पर जोर देते हुए ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सीधे निगरानी करें| वहीं पिछले मानसून के दौरान विभाग की तत्परता से बाढ़ नियंत्रण का उल्लेख करते हुए आगामी मानसून के दौरान भी पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए।
मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति के लिए आवश्यक वस्तुओं, विशेष रूप से पार्कुपाइन, जियोबैग आदि की खरीद के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। दूसरी ओर, मंत्री ने निर्देश दिया कि आपात स्थिति के दौरान अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक जिलों को आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जाए।







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