दयानंद सिंह
मोरानहाट। नयी शिक्षा नीति पर व्यापक चर्चा और जानकारी देने के लिए मोरान जातीय विद्यालय में कल शिक्षक कार्यशाला का आयोजन हुआ।डिब्रुगढ़ जिला जातीय विद्यालय समन्वयक समिति के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में 41जातीय विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया।असम जातीय विद्यालय संगीत और डिब्रुगढ़ जिला समन्वय समिति के सभापति अभिजीत सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष टिकेन्द्रजीत पाटगीरी ,शिशु भारती के सचिव चेनीराम बोरा, उपसभापति दीपक हाजरीका ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।मोरान जातीय विद्यालय की शिक्षिका मीरा कुंवर और छात्रा सिरस्मीता गोगोई ने बरगीत प्रस्तुत किया।विद्यालय की अध्यक्षा दीव्यज्योति गोगोई ने स्वागत भाषण दिया।डिब्रुगढ़ जिला के समन्वयक जून्टी बोरा ने उद्देश्य व्याख्या किया।असम जातीय विद्यालय शिक्षा संसद के समन्वयक असीम कृष्ण बरुआ ने अपने भाषण में कहा कि शिक्षा एक सेवा है, शिक्षक को सेवा भावना के साथ बच्चों को पढाना चाहिए।शिक्षक अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।वेतन के लिए शिक्षक की नौकरी करने वाले शिक्षकों को छात्रों के जीवन से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।उन्होंने शिक्षकों को पढने और पढाने का आह्वान किया।कार्यशाला को परिवेश संरक्षक मणिमानिक गोगोई और वाल्य विकास विद्यालय के अध्यक्ष ड० स्वपन सुतिया ने सम्बोधित किया ।इसके बाद शिक्षकों के प्रश्नों और शंकाओं का समाधान खोजा गया । जातीय संगीत के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।




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