पाटकीजुली, तामुलपुर। सशस्त्र सीमा बल की 64वीं बटालियन ने सीमावर्ती आबादी के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने और सहायता करने के लिए मैनाओ क्लब के फुटबॉल मैदान, पाटकीजुली, तामुलपुर, असम में विभिन्न नागरिक कार्यक्रम आयोजित किए। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता के 75 वर्ष पुरे होने के उपलक्ष्य में "आजादी का अमृत महोत्सव" की थीम " देश की हिफाजत- देश की सुरक्षा"के तहत् आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री. प्रमोद बोरो (मुख्य अतिथि), सी.ई.एम., बीटीआर, असम ने श्री जगदीप पाल सिंह, डीआईजी, सेक्टर मुख्यालय, एसएसबी, रंगिया, श्री. नंद किशोर टम्टा, कमांडेंट, 64वीं बटालियन एसएसबी बरामा, विजीत गोरा नरजरी,एम सी एल ए दंरगाजुली,पवित्र कुमार,एम सी एल ए, गोरेश्वर ,राकेश कुमार एम सी एल ए, अन्य अधिकारीगण, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, प्रतिभागी और आम जनता की उपस्थिति में किया गया। श्री नन्द किशोर टम्टा, कमांडेंट 64वी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम (नॉर्थ-ईस्ट) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के विवरण पर प्रकाश डाला, जिसके अतंर्गत 64वीं बटालियन ने अपने दायित्व के क्षेत्र में 140 लाभार्थियों को बुनियादी सिलाई और सुअर पालन प्रशिक्षण प्रदान किया तथा ऐसे लाभार्थियों को कोर्स सर्टिफिकेट के साथ-साथ सिलाई मशीन किट और पिगलेट प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, पाटकिजुली, उत्तरकुची, दरंगा, सुबनकटा से संबंधित छह फुटबॉल क्लबों को फुटबॉल किट आइटम (जर्सी, शिन गार्ड, फुटबॉल, गोल पोस्ट नेट, जुराबें, गोलकीपर दस्ताने, आदि) भी वितरित किए गए । छह फुटबॉल क्लबों में 03 महिला टीम भी शामिल है। उल्लिखित योजनाओं के अलावा, स्थानीय लोगों और उनके पशुओं के लिए मुफ्त चिकित्सा जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 8 गांवों के लोगों ने अपना व अपने पशुओं का इलाज कराया।
नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम (सीएपी) सीमावर्ती क्षेत्रों में सशस्त्र सीमा बल (गृह मंत्रालय) के द्वारा आयोजित एक नियमित कार्यक्रम है। सशस्त्र सीमा बल, भूटान के साथ लगी 699 किलोमीटर की सीमा की रक्षा कर रहा है। नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम का आयोजन सीमावर्ती गांवों के दूरस्थ क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को उनकी व्यावसायिक पृष्ठभूमि के उत्थान में सहायता करने के लिए किया जाता है। एस.एस.बी विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे, बेरोजगार युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण, छात्रों के लिए अध्ययन यात्रा, किसानों को कृषि उपकरण का वितरण, मुफ्त चिकित्सा जांच शिविर आदि आयोजित करती आ रही है।
सभी प्रशिक्षणार्थियों को पिगलेट, सिलाई प्रशिक्षण सहायता किट, फुटबॉल खेल सामग्री वितरण के बाद स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में उत्साह का संचार हुआ। श्री जगदीप पाल सिंह, डीआईजी क्षेत्रक मुख्यालय, एसएसबी रंगिया ने कहा कि एसएसबी द्वारा संचालित सिविक एक्शन प्रोग्राम सही मायने में "सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व" है। उन्होंने स्थानीय लोगों और एसएसबी के बीच अच्छे संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने सिलाई और सुअर पालन प्रशिक्षण के सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उभरते फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए अच्छे जीवन की कामना की। श्री प्रमोद बोरो ,बी टी आर चीफ कोकराझार द्वारा 64वी वाहिनी एस एस बी बरामा द्वारा आयोजित सिविक एक्शन प्रोगाम की प्रशंशा करते हुए कहा कि एस एस बी न केवल बी.टी.आर. इलाके में सुरक्षा कर रहीं हैं बल्कि सीमावर्ती इलाकों में सामाजिक चेतना अभियान के तहत भारत सरकार की कल्याण कारी योजनाओं को सीमावर्ती लोगों के मध्य तक पहुंचा रही है, साथ हीं नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत् कौशल विकास के तहत् बेरोजगार महिलाओं तथा पुरुषो के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोग आत्मनिर्भरता के साथ स्व-रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लड़कियों को फुटबॉल खेल सामग्री वितरण करने के लिए एस.एस.बी. की प्रशंशा की तथा सभी से हिमा दास की तरह खेल में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने एस.एस.बी. को इन कार्यक्रम के द्वारा समाज को मुख्यधारा में लाने के प्रयास की सराहना की। अंत में श्री संदीप पूनिया, डिप्टी कमांडेंट, 64वी वाहिनी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का धन्यवाद अदा किया तथा सिविक एक्शन प्रोग्राम का समापन हुआ।







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