चाय उद्योग की वर्तमान स्थिति को लेकर एक ज्ञापन प्रदान किया - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

चाय उद्योग की वर्तमान स्थिति को लेकर एक ज्ञापन प्रदान किया




अमित नागोरी

हाल ही में नेटा के सलाहकार बिद्यानन्द बोरकाकोटी ने वित्त मंत्री और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण को चाय उद्योग की वर्तमान स्थिति को लेकर एक ज्ञापन प्रदान किया । उक्क्त ज्ञापन में ये उल्लेख किया गया है कि जब वे वाणिज्य और उद्योग मंत्री थी तो  भारत ने चाय का रिकॉर्ड निर्यात किया था । 2017-18 में भारत का चाय निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर 256.57 मिलियन किलोग्राम पर पहुंच गया जो अपने आप मे एक रिकॉर्ड है जिसे अब तक तोड़ा नही गया है । 

चाय बोर्ड को 967 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन 2021-26 की अवधि के लिए दिया गया है। अनुमोदित चाय बोर्ड की योजना "चाय विकास एवं संवर्धन योजना" में बड़े उत्पादकों/संगठित क्षेत्र के लिए कोई योजना नहीं है। उपर्युक्त योजना केवल छोटे चाय उत्पादकों (एसटीजी) तक ही सीमित है। नेटा की और से श्री बोरकाकोटी ने महोदया को विनम्र निवेदन किया है कि अगर सम्भव हो तो बड़े उत्पादकों को निम्नलिखित योजनाएं दी जाए (10.12 हेक्टेयर से ऊपर चाय बागान) :-

1) चाय जलवायु पर निर्भर उद्योग है।  हाल के वर्षों में, चाय उद्योग में जलवायु परिवर्तन का व्यापक प्रभाव देखा है। इसके कारण बिना सिंचाई के जीवित रहना लगभग असंभव हो गया है।  पर सिंचाई की स्थापना महंगी क्रिया है । इस संदर्भ में नेटा ने भारत सरकार से एक सिंचाई योजना (स्प्रिंकलर और ड्रिप दोनों) के लिए अनुरोध किया है । 

2 ) असम में लगभग 5 लाख हेक्टेयर भूमि चाय बागान के अधीन है।  असम में चाय की पैदावार कम है।  कम उपज एक राष्ट्रीय नुकसान है।  इस पर काबू पाने के लिए हमें पुरानी चाय की झाड़ियों को उखाड़ना होगा और चाय के नए पौधे लगाने होंगे और/या मौजूदा वृक्षारोपण को फिर से जीवंत करना होगा। इस संदर्भ में पुन: वृक्षारोपण और कायाकल्प योजना चाय उद्योग के लिए बेहतर व्यवहार्यता में मददगार साबित होगी । 

3 ) चाय बागानों में सोलर प्लांट लगाने की अपार संभावनाएं हैं। प्रत्येक चाय बागान में बंजर भूमि होती है जो चाय के बागान के लिए उपयुक्त नहीं होती है और इसका उपयोग सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए किया जा सकता है। इसलिए चाय उद्योग के लिए विशिष्ट सौर संयंत्रों की योजना चाय उद्योग और राज्य को लाभान्वित करेगी ।

उक्क्त ज्ञापन  वित्त मंत्री और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण तथा  प्रतिलिपी असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमन्त विश्व शर्मा को भी प्रदान की है साथ ही बड़े उत्पादकों को उपरोक्त योजनाएं प्रदान करने का अनुरोध किया है  । 
  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें