अमित नागोरी
राज्य के अन्य स्थानों की भांति गोलाघाट में भी विश्व क्षय रोग दिवस मनाया गया । इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति (राष्ट्रीय क्षय रोग) की पहल पर गोलाघाट जिला पुस्तकालय सभागृह में एक सभा का आयोजन किया गया । बैठक की अध्यक्षता गोलाघाट जिला स्वास्थ्य सेवा के संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण चंद्र महंत ने की । इस मौके पर स्वास्थ अधिकारी , चिकित्सक , समाजकर्मी , आशा कर्मी , एनसीसी कैडेट के अलावा अन्यान्य लोग उपस्थित रहे । बैठक में उपस्थित तिनसुकिया जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. ज्योति भुइयां ने सभी से टीबी के लक्षण दिखाई देने पर जल्द से जल्द डॉक्टरों से संपर्क करने का आह्वान किया। उनका कहना है कि इस बीमारी का इलाज मुफ्त है और इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाई जा सकती है।
बैठक का उद्देश्य बताते हुए गोलाघाट जिला टीबी अधिकारी डॉ. सुनीता एक्का ने टीबी रोग के इतिहास और इसके उपचार के बारे में बताया। उन्होंने बीमारी से डरने के बजाय सतर्कता बरतने का आह्वान किया। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक टीबी रोग को खत्म करने का आह्वान किया है, हालांकि उन्होंने कहा है कि असम में लक्ष्य 2023 के पहले ही पूर्ण किया जाएगा । बैठक में जिला गोलाघाट जिला स्वास्थ्य सेवा के संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण चंद्र महंत ने सभी को टीबी मुक्त असम के लिए सभी को मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोलाघाट जिले में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी टीबी का मरीज बिना इलाज के न छूटे । उन्होंने टीबी के मरीजों को शिनाख्त करने में सभी का सहयोग मांगा है । सभा मे अतिरिक्त उपायुक्त पल्लवी गोगोई , वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुरेन्द्रनाथ तामूली , डॉ जे हुसैन , डॉ रोबिन तामूली के अलावा अन्य विशिष्ठ अतिथि उपस्थित रहे । इस दौरान दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत आयोजित टीबी दिवस के विभिन्न पुरस्कारों का वितरण किया गया ।












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