दयानंद सिंह
मोरानहाट। परीक्षा के समय छात्र मानसिक तनाव में रहते हैं, लेकिन हम जानने की कोशिश नहीं करते हैं।कभी कभी शिक्षक और अविभावकों के उच्च आकांक्षा के शिकार हो जाते हैं छात्र। असम मे दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा15मार्च से हो रही है।गुरुवार को मातृभाषा की पेपर थी।डिब्रुगढ़ जिला के बामुनबारी पुलिस चौकी अंतर्गत 1नं केकुरी गांव की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली।पारबीन अहमद (16)रोजभैली एकाडेमी की मेधावी छात्रा थी।मातृभाषा असमीया की परीक्षा देकर घर आते ही मां से कहा कि पेपर ठीक नहीं हुआ।वह टुट चुकी थी।फिर उसने कठोर कदम उठाते हुए फंदे से झुल गई।विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि वह मेधावी छात्रा थी, उससे हमें बड़ीआशा थी।लेकिन आत्महत्या क्यों की, समझ से परे है।पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।लेकिन अपने पीछे छोड़ गई -प्रश्न?बच्चों पर इतना मानसिक दबाव क्यों?







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