गुवाहाटी। असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में शिक्षा के अन्यतम नाम के रूप में विख्यात गुवाहाटी का कॉटन कालेज आज अपनी स्थापना की 122वीं जयंती मना रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, आज के इस गौरवशाली स्थापना दिवस पर कॉटन कॉलेज (अब विश्वविद्यालय) की कई पुरानी यादें ताजा हो गयी हैं।
जिस तरह मैंने इस संस्थान में अपने शिक्षण के दिनों को याद कर रहा हूं, उसी तरह से अन्य लोगों को आज का दिन याद आ रहा होगा। कॉटन कॉलेज का आज जन्मदिन है, ऐसे मौके पर मैं किसी भी तरह से, अतीत और वर्तमान में इस संस्थान से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं। मैं उन सभी जीवित या मृत लोगों को प्रणाम करता हूं जिनकी मेहनत और लगन ने कॉटन कालेज को महान बना दिया है।
विद्याध्ययन के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने आज अपनी यादें साझा की। गुवाहाटी के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक कॉटन कॉलेज, जिसे अब कॉटन यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है, आज अपनी 122वीं वर्षगांठ मना रहा है।
1901 से उत्तर पूर्व के शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ के ध्वजवाहक, कॉटन कॉलेज को असम सरकार द्वारा 2011 में कॉटन कॉलेज स्टेट यूनिवर्सिटी में अपग्रेड किया गया था। यह ब्रिटिश सरकार द्वारा 1901 में कॉटन कॉलेज के रूप में स्थापित किया गया था। कॉटन कॉलेज पहले कलकत्ता विश्वविद्यालय का हिस्सा था और बाद में गुवाहाटी विश्वविद्यालय का हिस्सा हो गया।
कॉटन कॉलेज स्टेट यूनिवर्सिटी की स्थापना 2011 में हुई थी। 2017 में, असम सरकार ने कॉटन कॉलेज स्टेट यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर कॉटन यूनिवर्सिटी कर दिया और कॉटन कॉलेज को एक पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिया। मुख्यमंत्री डॉ. सरमा 1988-89, 1989-90 और 1991-92 में तीन कार्यकालों के लिए कॉटन कॉलेज यूनियन सोसाइटी (सीसीयूएस) के महासचिव थे।





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