-रेलवे लाइन पुनर्बहाल करने के प्रयास जारी
गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (पूसीरे) का लमडिंग-बदरपुर पहाड़ी रेलखंड भारी बारिश एवं भूस्खलन की वजह से कई स्थानों पर बंद है। इसके चलते डिटेकछोरा स्टेशन और न्यू हाफलांग में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित वहां से निकाल लिया गया है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को डिटेकछोरा स्टेशन पर फंसे 571 यात्रियों और न्यू हाफलांग में ट्रेन संख्या 15615 में फंसे 169 यात्रियों को बचाया गया। इससे पहले रविवार को डिटेकछोरा स्टेशन पर फंसे लगभग 1600 रेल यात्रियों को बचाया गया था और उन लोगों को बदरपुर और सिलचर भेजा गया था। इनमें से 119 को भारतीय वायुसेना ने सुरक्षित निकाला था। इसके अलावा न्यू हाफलांग में फंसे 204 यात्रियों को रविवार को निकाल लिया गया था। इन यात्रियों को बसों द्वारा माईबांग स्टेशन ले जाया गया, इसके बाद सभी 204 यात्री माईबांग से गुवाहाटी के लिए रवाना हुए थे। वहीं 169 यात्रियों को सोमवार सुबह माईबांग स्टेशन से गुवाहाटी के लिए रवाना किया गया।
इस तरह पूसीरे ने सभी फंसे हुए यात्रियों को निकालने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सभी प्रभावित स्टेशनों पर स्थानीय प्रशासन, असम राइफल्स, भारतीय वायु सेना और गैर सरकारी संगठनों के साथ समन्वित प्रयास और समन्वय ने इस कार्य को पूरा किया गया है।
रेलवे ने फंसे हुए यात्रियों को बचाने के दौरान उनके लिए स्वच्छता और चिकित्सीय सुविधा भी सुनिश्चित की। सभी फंसे हुए यात्रियों को नियमित रूप से भोजन और पेयजल भी उपलब्ध कराया। यात्रियों ने रेलवे प्राधिकरण द्वारा किए गए वैकल्पिक प्रबंधों और बचाव के लिए आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा पूसीरे ने प्रभावित यात्रियों के टिकटों की राशि वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अब तक 1006 यात्रियों के रुपये वापस किये गए हैं। शेष प्रभावित यात्री आईआरसीटीसी वेबसाइट और संबंधित स्टेशनों के पीआरएस काउंटर (खिड़की-टिकट) से अपनी राशि वापसी के लिए दावा कर सकते हैं।
सभी यात्रियों को सुरक्षित और सफलतापूर्वक निकालने के बाद, रेलवे अब क्षतिग्रस्त लाइन को बहाल करने और दक्षिण असम, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम के लिए ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए अपनी पूरी कोशिश में जुट गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। न्यू हाफलांग स्टेशन पूरी तरह से मलबे से भर गया है। भारी भूस्खलन के कारण स्टेशन पर खड़ी खाली ट्रेन बेपटरी हो गयी। प्रभावित स्थानों की संख्या सोमवार को बढ़कर 53 हो गई है। हालांकि 11 स्थानों पर बहाली का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।







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