पूजा माहेश्वरी
नगांव । राज्य में अचानक आई बाढ़ से खासकर चार जिलें नगांव , होजाई , कछार और डिमा हासाउ जिलों में वेदनापूर्ण परिस्थिति है । अचानक आई बाढ़ की विभीषिका से हजारों लोग घर द्वार छोड़ कर स्कूलों , नामघरो तथा सड़कों के बगल में बने अस्थाई निर्मित घरों में आश्रय लेने को बाध्य हैं । इन चारों जिलों में नगांव व होजाई की स्थिति भी जटिल है । इसी के मद्देनजर सरकार ने असम राज्यिक शिशु अधिकार सुरक्षा आयोग की सदस्य रुपा हजारिका , और आयोग की परामर्शदाता क्रमश नंदनी दास व खगेन कलिता को लेकर गठित एक दल को उक्त दोनों जिलों के बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने तथा आश्रय शिविरों में रह रहे लोगों से मिलकर उनके अभाव व कठिनाइयों से रुबरु होने के लिए बुधवार को दोनों जिलों के दौरे पर पहुंचे । साथ ही विभागीय अधिकारियों को शरणार्थी शिविरों में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसके निर्देश दिए । साथ ही शरणार्थी शिविरों में रह रहे लोगों के बच्चों के साथ कोई तरह की अनहोनी ना हो उसके लिए भी पुलिस प्रशासन को निगरानी करने व लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए । इधर आंगनबाड़ी और आशा कर्मी केंद्रों पर रह रही वे महिलाएं जो अपने बच्चों को स्तनपान करवाती हो उनका विशेष ध्यान रख कर जरुरी वस्तुएं मुहैया कराने के निर्देश भी दिए ।






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