समाज के सभी श्रेणी के लोगों से जो प्यार करते हैं और उन लोगों को बेहतर तरीके से समझते है लेखकों की कलम से ही उन उत्कृष्ट साहित्य की सृष्टि हुई है या होती है - यह बात प्रतिष्ठा वर्ष में ही असम साहित्य सभा द्वारा स्वर्ण और शतदल शाखा की विशेष मर्यादा प्राप्त रनदिया साहित्य सभा के इस महीने के विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित जानेमाने साहित्यकार एवं पूर्व उपाचार्य ड० अमरज्योति चौधुरी ने कही। उन्होंने बताया कि सभा द्वारा हर महीने विशिष्ट अतिथि के साथ वार्तालाप जैसे एक अनन्य दृस्टांतमुलक कार्यक्रम का आयोजन कर उनको भी आकर्षित किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाषा साहित्य के उत्तरन के लिए नई पीढ़ी बहुत काम कर रही है। पहले किसी भी महान लोगों के बारे मे जानने के लिए हमे कष्ठ उठाना पड़ता था। लेकिन अब नई पीढ़ी के अध्ययन और कर्मस्पृहा हेतु इंटरनेट में हमारी उँगली पर ही सभी की जानकारी मिनटों में मिल जाती है। बचपन से ही ड० भूपेन हजारिका और बहुत सारे महान व्यक्ति के सानिध्य में रहने वाले श्री चौधुरी ने बताया कि एक शिक्षक के मार्गदर्शन से भी जीवन में किस प्रकार दिशा मिलती है इस पर भी उन्होंने अपने विचार रखे। वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि प्रकाशक मृणाल मिश्रा ने रंगिया के मृदुल शर्मा को असमिया भाषा के उत्तरन हेतु किये गए काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि भाषा साहित्य की सेवा करने के लिए कला, वाणिज्य या विज्ञान शाखा में पढ़ने या न पढ़ने की कोई बात नहीं है। सिर्फ भाषा साहित्य के उत्तरन के लिए खुद को समर्पण करके काम में लगना चाहिए। एक वाक्य लिखकर भी बहुत काम किया जा सकता है। सभी को उन्होंने किताब पढ़ने और भाषा की चर्चा कायम रखने का अनुरोध किया।
सभा के सचिव हेमंत कलिता द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के प्रारंभ में सभा के सदस्यों द्वारा विशिष्ट अतिथि ड० अमरज्योति चौधुरी और मृणाल मिश्रा को फुलाम गामोछा और मानपत्र के साथ मुखपत्र रनदिया से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम आरोहण आर्टिस्ट गिल्ड की ओर से वर्ष के श्रेष्ठ नाट्यकार पुरस्कार तथा हाल ही में हुए बंगाईगांव महोत्सव में कलागुरु विभूति पुरस्कार से सम्मानित रनदिया शतदल साहित्य सभा के अध्यक्ष प्रतुल भुइयां और उपाध्यक्ष जयंतजीत कलिता को भी सभा के सदस्यों द्वारा फुलाम गामोछा से सम्मानित किया गया। रंगिया महाविद्यालय अर्थनीति विभाग के मुख्य अध्यापक दिनेश लहकर, धुहिबाला उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के अध्यक्ष जेसीमुद्दीन आहमेद, अधिवक्ता भाष्कर बरुआ, शिक्षक बैशिष्ठ राजबंशी, समाजकर्मी महेश काकोती, साहित्यकर्मी अंजनज्योति पटवारी, सभा के आजीवन सदस्य क्रमशः पंकज पल्लव शर्मा, मुकुल भुइयां, नवीन चंद्र दास, भूपेंद्र लहकर, ध्रुबज्योति कलिता, भाष्कर कलिता, पार्थप्रतिम शर्मा, जाकिर हुसैन, पंकज कुमार शर्मा, मामोनी लहकर, सविता बर्मन मजूमदार, अंजली चौधुरी, रिता पासोनी, नीलाभ प्रतिम डेका सहित बहुत से सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत मे ड० अमरज्योति चौधुरी ने भारत रत्न भूपेन हजारिका की मृत्यु पर लिखी- " एटी गान हेख होल " कविता आवृत्ति कर सभी का मन मोह लिया।







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