सोयल खेतान, रोहा
- एकेजी,असम (रोहा)का उन्नतीस वां और संगीत कानन का सौलह वां स्थापना दिवस धुमधाम से मना।
- शिशुप्रीय की दो ग्रंथों सहित एकेजी वार्षीक पत्रिका "सँफुरा" विमोचन।
- युवाज्योति"उपाधी प्राप्त मृदुल हाजरीका का हुवा सामुहिक अभिनंदन।
रोहा। वर्ष एक जनवरी 1994 में बच्चों के सर्वांगीण विकास साधन के लिए स्थापित व्यक्तिक्रम धर्मी शिशु अनुष्ठान अकनिर कविता घर,असम केंद्रीय समिति (रोहा)अपना गौरवपूर्ण अठाईस वर्ष संपुर्ण कर उन्नतीस वें वर्ष में पदार्पण कर पर अपना उन्नतीस वां और संगीत कानन का सौलह वां स्थापना दिवस धुमधाम से मनाने के साथ ही नववर्ष का प्रथम दिन समस्त क्षैत्र नन्हे मुन्नै बच्चों के नृतगीत, वक्तव्यों, कविता आवृत्ति,तबला,गीतार वादन से मुखरीत हो गये।
नगांव, मरिगांव जिले में करिब अपने बिस शाखाओं नन्हे मुन्नै बच्चों को शाररिक, मानसिक विकास साधन सहित विभिन्न नृतगीत की शिक्षा गत उन्नतीस वर्षों से देते आने के साथ ही प्रकृतिक शुरक्षा के लिए कार्य करती आ रही व्यक्तिक्रम धर्मी शिशु अनुष्ठान अकनिर कविता घर,असम केंद्रीय समिति (रोहा)अपना उन्तीस वां और संगीत कानन का सौलह वां स्थापना दिवस नववर्ष के प्रथम दिन धुमधाम से मनाया।रोहा पुरानीचारिआली स्थित माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में प्रातःनौ बजे एकेजी उन्नतीस वां स्थापना दिवस उद्जापन समिति के अध्यक्ष कमलचंद्र शर्मा द्वारा झंडारोहण और उपाध्यक्ष जतींद्र कुमार पारै द्वारा द्विप प्रज्वलन कर श्रीगणेश करने के पस्चात डां भुपेन हाजरीका संस्कृतिक मंच पर प्रातःदस बजे एकेजी स्थापना दिवस के कार्यकरी अध्यक्ष तथा नगांव असामरीक चिकित्सालय के अध्यक्ष डां लखीधर दास के उद्घाटन के शुभारंभ नववर्ष के अवसर पर अंतरंग वार्तालाप और बड़ों का आशीर्वाद ग्रहण समारोह में वरिष्ठ नागरिक शिक्षाविद भगवान चंद्र गोस्वामी, वरिष्ठ कवि प्रेमनारायण नाथ, रोहा वरिष्ठ नागरिक मंच की अध्यक्षा मनोरमा भुंया, सचिव विनोबा राजवंशी,रोहा हायरसेकंडरी के पुर्व अध्यक्ष कमलचंद्र शर्मा, रोहा महाविद्यालय के पुर्व प्रवक्ता तथा एकेजी उद्जापन समिति उपाध्यक्ष जतींद्र कुमार पारै,अखिल तिवा छात्र संघ के सलाहकार मुंग्शाह प्रह्लाद मशरंग,रोहा बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र अध्यक्षा डां निरला देवी,वरिष्ठ नागरिक मृदुल भुंया, सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रह सभा को सम्बोधित कर अकनिर कविता घर,असम के उनतीस वर्ष के गौरवपूर्ण सफर पर प्रकाश डाला।
तत्पस्चात दोपहर एक बजे से धर्मेश्वर दास की स्मृती में अनुष्टित तिन शाखाओं में अनुष्टित चित्रांकन प्रतिस्पर्धा में दो सौ से अधिक शिशुओं ने हिस्सा लेने के साथ ही "क" शाखा में प्रथम स्थान कस्तूरी आमसी,प्रशिद्धा हाजरीका को द्वितीय और रिसिका काकोति को तृतीय स्थान और पल दास,एंजीलिना बोरा को प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त हुवा। "ख"शाखा में हदयज्योति हाजरीका को प्रथम,पार्थीव मेधी को द्वितीय और गरिमा फुकन को तृतीय स्तान और आस्थानंदिनी मुदै और अभिनास बोरा को प्रोत्साहन पुरस्कार और "ग" शाखा में प्रथम स्थान सेमसॉन रंगफार, द्वितीय स्थान जोगेश काहार और तृतीय स्थान तृष्णा दास को तृतीय स्थान और अलिस्मिता दास,स्तुति देवी को प्रोत्साहनपुरस्कार प्रदान किया गया।अपराह्न तिन बजे से पांचवीं कक्षा की छात्रा आस्था नंदिनी मुदै के संचालन में अनुष्टित एकेजी का मुख्य कार्यक्रम अकनिर मेल का आयोजन हुवा। द्वितीय कक्षा की छात्रा परिस्मिता दास द्वारा उद्घाटन किया गया मिलन मेल में निदिष्ट वक्ता के तौर पर प्रथम कक्षा की छात्रा रिसिका काकोति,चतुर्थ कक्षा की स्यामली दास,आकृष्टा भुंया, पांचवीं कक्षा की प्रासुर्ज्य प्रतिम हाजरीका और कक्षा छठ्ठी का छात्र पार्थीव मेधी ने सम्बोधित कर सभी मंत्रमुग्ध कर दिया।अकनिर मिलन में पर्ज्येवेक्ष के तौर पर उपस्थित नगांव महाविद्यालय के अध्यक्ष डां शरत बरकटकी उपस्थित रह अकनिर कविता घर,द्वारा गत उन्नतीस वर्षो से बच्चों के सर्वांंगिण विकास साधन के लिए किये जा रहे कार्य पर प्रकाश डाला।साथ ही मेल में एकेजी द्वारा "युवाज्योति"उपाधी प्रदान अखिल असम आसु के सह साधारण सचिव मृदुल हाजरीका का एक फुलाम गमछा,अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।साथ ही एकेजी की वार्षीक पत्रिका"अकनिर सँफुरा"और एकेजी प्रधान संचालक शिशुप्रीय अवनि कुमार सईकीया द्वारा लिखित "कनमानि अकनिर डांगर सिंता"और कार्टून पुस्तक "अ-कार्टून-3"का विमोचन युवा लेखिका तथा एकेजी सु वक्ता पुरस्कार प्राप्त शर्मीष्ठा प्रितम वरुबा ने कर एकेजी के साथ बिताये लम्हों पर प्रकाश डाला।
सांय छह बजे एकेजी के उन्नतीस वें स्थापना दिवस के उपलक्ष में एकेजी के पुर्व विद्यार्थियों द्वारा उन्नतीस द्विप प्रज्वलन करने के पस्चात अनुष्टित रंगारंग संस्कृतिक कार्यक्रम में एकेजी के सैकड़ों नन्हे मुन्नै शिशुओं और विद्यार्थियों द्वारा भारतनाट्यम, सत्रीया नृत्य, कृष्ण नृत्य,सात बहन नृत्य,तबला,वांसुरी और गीतार वादन परिवेशन और एकेजी अविभाक अविभाविका द्वारा समवेत संगीत और बच्चों द्वारा एकेजी स्थायी गीत परिवेशन कर समस्त क्षैत्र को मुखरीत कर दिया।एकेजी के स्थापना दिवस पर एकेजी के प्रधान संचालक अवनि कुमार सईकीया,प्रधान सचिव रंटु मुदै, सह सचिव पंकज कुमार पारै,रितु दास,अंसुमान शर्मा, प्रचार सचिव सोयल खेतान, राजेश नंदी और रिपुंजय मेधी,रुबुल कुमार दास का स्थापना दिवस सफल समापन में सराहनीय अवदान रहा। स्थापना दिवस के उपलक्ष में एकेजी के शिक्क्षक शिक्क्षयत्री, अविभाक,अविभाविका,गणमान्य व्यक्तियों सहित सैकड़ों की संख्या में नन्हे मुन्नै एकेजी के विद्यार्थी उपस्थित थे।








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