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शिवसागर मे जातीयतावादी नेता श्रृखंल चलिहा गिरफ्तार, बिहू के चंदे को लेकर हुई घटना की सभी ने निंदा की

 


शिवसागर। ऊपरी असम के शिवसागर टाउन में बिहू के नाम पर चंदा उगाही में लिप्त बिहू समिति के पदाधिकारी ने हिंदी भाषी व्यवसायी के द्वारा चंदा न देने की बात पर कहासुनी के बाद पदाधिकारी ने अंकुश केडिया नामक एक युवा व्यवसाई के मुंह पर थूक दिया। इस घटना से पूरा हिंदी भाषी समाज आहत हुआ है। इससे दो दिन पहले भी एक हिंदी भाषी व्यवसायी के साथ चंदे को लेकर हाथापाई की नौबत तक आ गई थी इस तरह की घटनाएं शिवसागर व ऊपरी असम के कुछ जगहों पर प्रायः देखने को मिल रही है। इन घटनाओं में ज्यादातर मारवाड़ी व्यवसायी ही पिसते नजर आते हैं। इन घटनाओ मे अप्रत्यक्ष रूप से एक जातीयतावादी संगठन की भूमिका रहती है।दो दिन पहले की मोर उपाधि धारी व्यवसायी ने भी चंदा समिति के एक सदस्य को थप्पड़ मारने के घटना ठंडी भी नहीं हुई थी कि दो दिन बाद जातीयतावादी के नाम पर नेतागिरी करने वाला श्रृंखल चालीहा ने अंकुश केडिया नामक एक युवा व्यवसायी की दुकान में घुसकर बिहू के चंदे को लेकर कहासुनी के पश्चात उसे गाली गलौज करते हुए मुंह पर थूक दिया। व्यवसायी ने चंदा मांगने पर विनम्रता से कहा था कि शिवसागर स्टेशन चारआली व्यवसायी संस्था के माध्यम से सभी व्यापारी एक जगह चंदा इकट्ठा कर देने का नियम बनाया गया है। अतः हम व्यक्तिगत रूप से कोई चंदा नहीं दे सकते।इसी बात पर श्रृंखल चालीहा ने विश्रृंखलता का परिचय देते हुए व्यापारी के मुंह पर थूक दिया। जो सभ्य समाज में कतई स्वीकार नहीं है। प्रताड़ित व्यापारी अंकुश केडिया को शिवसागर छोड़कर जाने की धमकी भी दे डाली। मारवाड़ी युवा मंच शिवसागर शाखा का सदस्य युवा व्यवसायी अंकुश केडिया इस घटना के बाद से बेहद सदमे में चला गया है। पुलिस को शिकायत दर्ज कराने के बाद भी 3 दिनों तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।मजे की बात तो यह है कि शिकायत दर्ज करने में भी पुलिस ने कई घंटों तक आनाकानी करने के पश्चात ही प्राथमिकी दर्ज की। इसी बात से पता चलता है कि पुलिस भी काफी बेबस है। शिवसागर पुलिस अधीक्षक शुभ्र ज्योति बोरा से भी पीड़ित ने शिकायत की। मगर असम पुलिस महानिदेशक जेपी सिंह की पहल पर शिवसागर पुलिस ने चलिहा को गिरफ्तार कर थाने में बैठा लिया। पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन व पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय नेतृत्व ने घटना की तीव्र निंदा करते हुए असम सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रांतीय नेतृत्व ने पुलिस द्वारा उठाए कदम की भी सराहना की है। प्रांतीय नेतृत्व शिवसागर मारवाड़ी सम्मेलन व मारवाड़ी युवा मंच के अलावा स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के संपर्क में रहकर समस्या के समाधान के लिए चेष्टारत है। मगर सवाल यह उठता है कि आए दिन होने वाली ऐसी घटनाओं मे शुरुआत में तो समाज में काफी जोश देखा जाता है। लेकिन बाद में मामले को रफा-दफा कर घटना को दबाकर ठंडा कर दिया जाता है। अतीत में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी है।मगर समाज के नेतृत्व द्वारा कोई ठोस कार्यवाही ना करने की वजह से बार-बार समस्याओं से कोई न कोई व्यवसायी को जूझना पड़ रहा है।


घटना का विवरण इस प्रकार है। शिवसागर नगर के बीजी रोड के युवा व्यवसायी अंकुश केडिया के व्यवसायिक प्रतिष्ठान में चंदे की रकम मांगने को लेकर वीर लाचित सेना के केंद्रीय संगठन सचिव श्रृंखल चलिहा के विरुद्ध चंदा उगाई व मुंह पर थूकने का आरोप लगाते हुए शिवसागर सदर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई। प्राथमिकी में अंकुश केडिया ने आरोप लगाया कि 26 अप्रैल को मेरी दुकान में मेरी अनुपस्थिति में के पी एम चराली में आयोजित होने वाले 38 वां रंगपुर रंगाली बिहू आयोजन समिति के एक निमंत्रण पत्र के साथ एक हजार रुपये की चंदे की रसीद भी दे दी गई। फिर 28 अप्रैल को मेरी दुकान में 5--6 युवाओं का एक दल आकर 26 तारीख को दी गई रसीद में उल्लेखित रुपए की मांग की गई। अंकुश के अनुसार वह उन्हें स्टेशन चराली व्यवसायी संस्था के माध्यम से चंदा देने की बात कही तो दोनों पक्षों में कहासुनी प्रारंभ हो गई और अंत में मुंह पर थूकने की घटना घटित हो गई।पुलिस ने जांच शुरू कर श्रृंखल चलिया को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक इस घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव जारी है।

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