जीएमसीएच ने जांच की घोषणा की
गुवाहाटी। अचानक बदले घटनाक्रम में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज (जीएमसीएच) ने प्रसिद्ध शिक्षाविद् देवेन दत्ता की मौत की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। कॉटन कॉलेज के पूर्व वाइस प्रिंसिपल व प्रसिद्ध उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता दत्ता का 81 वर्ष की आयु में अस्पताल में निधन हो जाने के बाद यह बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार जीएमसीएच अधिकारियों ने घोषणा की है कि मौत की जांच की जाएगी क्योंकि उन्हें संदेह है कि मौत अक्षमता और लापरवाही के कारण हुई है। जीएमसीएच अधिकारियों के अनुसार ऐसी संभावना है कि देवेन दत्ता की मौत सही समय पर आवश्यक रक्त नहीं मिलने के कारण हुई। रिपोर्ट के मुताबिक तीन फिजिशियन प्रोफेसरों की एक टीम को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। आरोप था कि इलाज कर रहे डॉक्टरों के कहने के बाद भी सही समय पर खून नहीं दिया गया। जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है उनमें माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर और एचओडी डॉ. अजंता शर्मा, पैथोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. उषा शर्मा और जीएमसीएच के उपाधीक्षक उज्ज्वल कुमार शर्मा शामिल हैं।
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