गुवाहाटी। पर्यूषण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच दिवस के अवसर पर फैंसी बाजार स्थित महावीर धर्म स्थल में असम के नगर विकास एवं सिंचाई मंत्री अशोक सिंघल ने आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज एवं उनके संघ का दर्शन कर उनसे आशीर्वाद लिया। आचार्य श्री ने सिंघल को अमृत कलश देकर मूंगा मोती की माला पहनकर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि पर्यूषण पर्व महापर्व है। जहां देवी देवताओं का आगमन शुरू होता है। आज पर्यूषण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच में अपने आप को समन्वय कर लेना चाहिए। उत्तम शौच कर्म अगर हमारे जीवन में आ जाए तो संसार की सारी वस्तुएं हमारे चरणों में उपस्थित हो जाती है। उत्तम शौच का मतलब लौकिक प्रवृत्तियों का त्याग करना।आज संसार की स्थिति ऐसी है जैसे-जैसे लाभ होता है वैसे-वैसे लोभ बढ़ जाता है ।जब किसी के पास साधन नहीं था तब लोग शांति से जीकर साधना करते थे। मगर आज हम कहीं भी हो एक मोबाइल के वश में रहते हैं। ऐसा एक खतरनाक प्राणी पैदा हो गया है जिसका नाम मोबाइल है। हमने जितनी सुविधाओं को जुटाने का प्रयास किया उतना ही हम अपने आप से दूर चले गए। मंत्री अशोक सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि हर परंपरा में उस परंपरा व संस्कृति को मानने वाले लोग होते हैं।जो उसे परंपरा को मान कर जीते हैं। भारत एक ऐसी भूमि है जिसने हमें उत्कृष्ट परंपरा, संस्कार व संस्कृति दी है। चातुर्मास उन विधान में से एक सर्वश्रेष्ठ विधान है। कार्यक्रम से पहले मंत्री सिंघल ने श्री पुण्य सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलित किया। उसके पश्चात कमल जैन ने तिलक लगाकर श्री सिंघल का अभिवादन किया। श्री दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष महावीर जैन ने दुपट्टा, मंत्री वीरेंद्र सरावगी और अशोक छाबड़ा में शाॅल और समिति के मुख्य प्रचार प्रसार संयोजक ओमप्रकाश सेठी ने मूंगा की माला पहनकर श्री सिंघल का स्वागत किया। इस अवसर पर 32 दिनों के व्रत तपस्या करने वाले चार भाई बहनों का अभिनंदन भी श्री सिंघला ने किया।







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