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होजाई जिले में श्री कृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

 



निखिल कुमार मुन्दड़ा 

होजाई। जिले में श्री कृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।श्री कृष्ण भक्तों ने अपने घरों में बालस्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना कर जन्माष्टमी मनाई एवं श्री कृष्ण से सुख, समृद्धि, खुशहाली कि कामना की। स्थानीय ठाकुर बाड़ी रोड स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया गया। हमारे संवाददाता से बात करते हुए मंदिर के पुजारी श्री सुनील शास्त्री ने बताया की हिंदू त्योहारों में जन्माष्टमी के त्यौहार का विशेष महत्व है। माना जाता है भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण का जन्म भाद्र मास कृष्ण पक्ष में अष्टमी के रोहिणी नक्षत्र में रात्रि को बारह बजे हुआ था उस दिन से ही कृष्ण जन्मोत्सव जन्माष्टमी के रूप से मनाई जाती है। वही शिवबाड़ी रोड स्थित श्री कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम के साथ हुआ। वही, होजाई के नूतून बाजार स्थित पुखरी घाट के नजदीक श्री श्री कृष्ण मंदिर में सोमवार मध्य रात्रि से छह दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार का शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस उपलक्ष पर मंदिर को सजाया गया। भक्तों द्वारा भजन कीर्तन किया गया। वहीं रात्रि 12:00 बाद भगवान श्री कृष्ण के जन्म होने के साथ पंडित द्वारा यजमान से भगवान श्री कृष्ण की विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद आरती का आयोजन किया। 


वहीं, भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण हुआ।उल्लेखयोग्य है, यह मंदिर होजाई जिले का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां वासुदेव के सिर पर भगवान श्री कृष्ण टोकरी में विराजमान है और शेषनाग की छत्रछाया है। यहां के पुजारी ने बताया जन्माष्टमी के दौरान यह मंदिर आकर्षण का केंद्र रहता है अपनी अनोखी मूर्ति के कारण और यहां दूर-दूर से भक्तगण आते हैं और भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप का दर्शन कर अपने को पुण्य का भागी समझते हैं। श्री श्री कृष्णा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता ने हमारे संवाददाता को बताया कि हर वर्ष श्री श्री कृष्णा मंदिर कमेटी द्वारा यहां छह दिवसीय जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। जिस का समापन छठी पूजा यानी छठीयार के साथ होता है। इस दौरान हर साल भागवत कथा, भजन, हांडी फोड़ इत्यादि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते आए हैं।


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