गणतंत्र दिवस कभी असम के लिए चिंता और अनिश्चितता का दिन हुआ करता था। कुछ वर्ष पहले तक इस दिन राज्य के कई हिस्सों में कर्फ्यू, सुरक्षा अलर्ट और बम धमाकों की आशंका के बीच लोग घरों में सिमटने को मजबूर रहते थे। उत्सव की जगह भय और तनाव का माहौल छाया रहता था।
इसी पृष्ठभूमि को याद करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि आज का असम उस दौर से काफी आगे निकल चुका है। अब डर नहीं, बल्कि उत्साह और भरोसे का वातावरण दिखाई देता है। इस दिन महिलाओं के उद्यमिता अभियानों के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जनसभाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से असमिया पहचान का उत्सव मनाया गया और स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के रोमांच ने लोगों को जोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह असम में आए व्यापक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले यह दृश्य बताता है कि असम आज शांति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।








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