लखीमपुर से ओमप्रकाश तिवारी और राजेश राठी
पिछले कुछ महीनों से लखीमपुर जिले में सड़कों पर घूमने वाले कई कुत्ते अचानक गायब होने लगे थे। इसको लेकर जिले के प्रकृति प्रेमियों ने स्वयं स्तर पर लापता कुत्तों की तलाश शुरू की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। अंततः पशु अधिकार कार्यकर्ता एवं पत्रकार प्रियज्योति फुकन ने 2 नवंबर 2025 को लखीमपुर सदर थाने में आवारा कुत्तों के लापता होने और अवैध तस्करी के संबंध में एक एफआईआर दर्ज कराई। इसके कुछ दिनों बाद इसी विषय पर डिंपी पारिक, दीपांकर सईकिया, लोहित दास और ऋतुपल फुकन ने 11 नवंबर को एक और एफआईआर दर्ज कराई।
दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जब मामले में कोई प्रगति नहीं हुई, तो पशु अधिकार कार्यकर्ता प्रियज्योति फुकन ने 16 दिसंबर को पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के मंत्री कृष्णेंदु पाल से लखीमपुर जिला आयुक्त कार्यालय में मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानों को कुत्तों की तस्करी और लापता होने के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
जांच के दौरान गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि कुत्ता तस्करों का एक गिरोह लखीमपुर में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन लग्जरी वाहनों का पीछा किया। पुलिस को देखते ही तस्करों ने तेज रफ्तार में चावलधोवा घाट की ओर अंदरूनी रास्तों से भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने दो लग्जरी वाहन और 7 कुत्ता तस्करों को पकड़ लिया, जबकि एक वाहन भागने में सफल रहा। पुलिस ने AS-07P-6725 और AS-09K-5468 नंबर की दो गाड़ियां जब्त कीं। इन वाहनों से 3 जीवित कुत्तों को बरामद किया गया।
पुलिस ने जिन 7 अंतरराज्यीय अवैध पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं—
निरंजन रंगपी (25), पिता: विषु रंगपी, निवासी: बकलिया;
राहुल टेरंग, पिता: हारचिंग टेरंग, निवासी: बकलिया;
थॉमस रंगपी, पिता: विषु रंगपी, निवासी: बकलिया;
जिरनंग तकबी (25), पिता: कामचिंग तकबी, निवासी: बाकपानी;
अनुच हांचे, निवासी: डोकमका;
चिम एंगती (20), पिता: रेनचिंग एंगती, निवासी: कुठरी;
मालंग तकबी (19), पिता: आदोवार तकबी, निवासी: तराबाचा।
इस कार्रवाई को लखीमपुर सदर थाने के टीएसआई दीपांकर चांगमाई के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पशु प्रेमी उज्ज्वल भुइयां ने लखीमपुर पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पकड़े गए अवैध पशु तस्करों को उदाहरणात्मक सजा दी जानी चाहिए।








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