लखीमपुर, आगामी विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए लखीमपुर जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिला दंडाधिकारी आदित्य विक्रम यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जिले में कई प्रतिबंध लागू किए हैं।
प्रशासन को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे जनजीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए बिना पूर्व अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है।
इसके अलावा हथियार लेकर चलना, बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, लाउडस्पीकर का उपयोग भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। खास तौर पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक रहेगी।
अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास तेज आवाज में ध्वनि प्रसारण भी प्रतिबंधित रहेगा। वहीं भड़काऊ भाषण, सांप्रदायिक नारे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियां, सरकारी या धार्मिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सोशल मीडिया या एसएमएस के जरिए आपत्तिजनक संदेश फैलाने पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि, बाजार, स्कूलों के शैक्षणिक कार्यक्रम, खेलकूद, सिनेमा हॉल, विवाह और सामान्य धार्मिक गतिविधियां इस आदेश से बाहर रहेंगी।
चुनावी समय में मतदाताओं को शराब, नकद या अन्य वस्तुएं बांटना भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








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