लखीमपुर में कोच राजबंशी छात्र संघ ने अपना 21वां स्थापना दिवस और विषुवा पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया। इस दौरान जनजातीय दर्जे के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना भी की गई।
लखीमपुर जिले के बोगीनदी क्षेत्र के कान्धुली मारी बर्मन नामघर प्रांगण में लखीमपुर जिला कोच राजबंशी छात्र संघ द्वारा 21 वां स्थापना दिवस और कोच राजबंशी राष्ट्रीय उत्सव ‘विषुवा भाग’ हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे एक खुली सभा के साथ हुई, जिसकी अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष चंद्र राजखोवा ने की, जबकि सभा का संचालन जयंत दत्ता ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. नवज्योति दत्ता ने कहा कि “कोच राजबंशी समाज अपनी कला और संस्कृति को संजोए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है, लेकिन अब तक जनजातीय दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
कार्यक्रम में केंद्रीय महासचिव दीपक बोरा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोच राजबंशी समाज को ST(P) और ST(V) में बांटने की कोशिश कभी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समाज के नेताओं से एकजुट होकर इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।
इसी दिन देर शाम लखीमपुर जिला कोच राजबंशी छात्र संघ की प्रतिनिधि सभा में नई जिला समिति का गठन किया गया। नई 31 सदस्यीय समिति में चंद्र राजखोवा को अध्यक्ष, चिदा हजारिका को कार्यकारी अध्यक्ष, मृदुल शइकिया को सचिव, पुलिन बोरा और मंटो बरुआ को उपाध्यक्ष, मीन प्रसाद निओग और जयंत दत्ता को सह सचिव, फटिक बोरा को प्रचार सचिव तथा दीपक बोरा को केंद्रीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। इसके अलावा कई अन्य पदों पर भी नए सदस्यों का चयन किया गया।
कुल मिलाकर यह आयोजन जहां सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक बना, वहीं समाज के अधिकारों को लेकर एक मजबूत संदेश भी देता नजर आया।








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