वीतरागता एवं स्थिरप्रज्ञता के शिखर पुरुष हैं आचार्य श्री महाश्रमण : मुनि रमेश कुमार
गुवाहाटी, तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम् अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण के 53वें दीक्षा दिवस का आयोजन मुनि रमेश कुमार के सान्निध्य में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा द्वारा सभी संघीय संस्थाओं के सहयोग से तेरापंथ धर्मस्थल में प्रात: 9.15 बजे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनिश्रीजी द्वारा सामूहिक नमस्कार महामंत्र एवं तेरापंथ महिला मंडल की सदस्याओं द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ।
इस अवसर पर मुनि रमेश कुमार कहा कि आचार्य महाश्रमण वीतरागता एवं स्थिरप्रज्ञता के शिखर पुरुष हैं। वे प्रभावी प्रवचनकार हैं तथा उनके प्रवचन में उनकी साधना बोलती है। वे सहज एवं सरल शैली में जैन आगम की व्याख्या करते हैं। ऐसे महातपस्वी आचार्य महाश्रमण के 53वें दीक्षा दिवस पर हम वर्धापना करते हैं।
मुनि रमेश कुमार आगे कहा - चातुर्मास के पश्चात पूर्वोत्तर पदयात्रा करते हुए आज पुन: तेरापंथ धर्मस्थल में आया हूं। मेरे जीवन की इस यागदार यात्रा में अनेक क्षेत्रों के श्रावकों ने सेवा दी है। उन्होंने गुवाहाटी के चैनरूप बैद एवं सुशील डागा की सेवा का विशेष रूप से उल्लेख किया।
मुनि रमेश कुमार का गत वर्ष गुवाहाटी चातुर्मास था। चातुर्मास के पश्चात पूर्वोत्तर के चार राज्य - असम, मेघालय, नगालैंड अरुणाचल प्रदेश की 1500 किलोमीटर से अधिक पदयात्रा करते हुए गुवाहाटी पधारे हैं।
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष बाबूलाल सुराणा ने आचार्य महाश्रमण को अपनी मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि वे एक महान संत, महातपस्वी, विद्वान, योगी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक एवं मानवता के पुजारी हैं। उन्होंने अपने विचारों एवं उपदेशों से लाखों व्यक्तियों को लाभान्वित किया है। कार्यक्रम में तेरापंथ महिला मंडल मंत्री सुचित्रा छाजेड़, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष विकास नाहटा, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष पंकज भूरा, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष संजय चौरड़िया, एटीएमआरएफ के सहमंत्री निर्मल सामसुखा आदि ने भी अपने आराध्य के प्र्रति भावनाओं की अभिव्यक्ति दी।
कार्यक्रम में अर्हम् भजन मंडली ने सुमधुर गीतिका का संगान किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन कार्यकारिणी सदस्य राजेशजी जमड़ ने किया। इस आशय की जानकारी सभा के मंत्री राजकुमार बैद ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।








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