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मायरा भरने के लिए नरसी दास जी ने प्रभु से लगाई अरदास



गुवाहाटी, आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में चल रहे आठ दिवसीय नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा के छठे दिवस भक्त शिरोमणि सूरदास जी की भक्ति एवं नानी बाई रो मायरो प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन हुआ।

व्यासपीठ पर विराजमान मुख्य कथा वाचक गौरव व्यास ने कथा को आगे बढ़ाते भक्त शिरोमणि सूरदास जी महाराज के जीवन, उनकी कृष्ण भक्ति तथा उनकी अमर रचनाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे।

उन्होंने बताया कि सूरदास जी महाराज का संपूर्ण जीवन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, वात्सल्य और भक्ति को समर्पित था। उनका जन्म रुनकता नामक गांव में हुआ था। वे जन्म से नेत्रहीन थे, किन्तु उनके हृदय में ज्ञान, भक्ति और अध्यात्म का अथाह सागर विद्यमान था। उन्होंने महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की शरण ग्रहण की तथा अष्टछाप कवियों में प्रमुख स्थान प्राप्त किया। सूरदास जी ने अपने जीवन का अधिकांश समय ब्रजभूमि में व्यतीत करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत वर्णन किया।

कथा के दौरान व्यास जी ने सूरदास जी के प्रसिद्ध पद “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके नटखट स्वरूप का मनोहारी चित्रण प्रस्तुत किया। इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

व्यास जी ने आगे बताया कि सूरदास जी की प्रमुख रचना ‘सूरसागर’ को हिंदी साहित्य का महाकाव्य माना जाता है। इसके अतिरिक्त ‘सूरसारावली’ एवं ‘साहित्य-लहरी’ भी उनकी अत्यंत प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण कृतियां हैं, जिनमें भक्ति, प्रेम और अध्यात्म का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है।

इसी क्रम में “नानी बाई रो मायरो” कथा का भी मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। व्यास जी ने नरसी जी और नानी बाई के बीच हुए भावनात्मक संवाद का वर्णन करते हुए बताया कि नरसी जी ने अपनी पुत्री नानी बाई के मायरे को भरने के लिए ठाकुर जी से विनम्र प्रार्थना की। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति, विश्वास और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश दिया। आयोजकों ने बताया कि शनिवार को गौशाला प्रांगण में नानी बाई का मायरा भरा जाएगा। आयोजन समिति के सुरेंद्र लाठ ने बताया कि कथा के छठे दिवस पंडित प्रकाश शास्त्री की देखरेख में समिति के सदस्य रेनु-संतोष चौधरी, कृष्ण सुरेश सोनी द्वारा दैनिक पूजा कराई गई। वही गौशाला के ट्रस्टी इंचार्ज डॉ. अशोक कुमार धानुका ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना कर महाराज से आशीर्वाद लिया। पुरुषोत्तममास के अवसर पर सेठ सांवरियां सत्संग समिति द्वारा आयोजित नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा का आयोजन रोजाना अपराह्न 2.30 बजे से शाम 6 बजे तक गौशला के वृंदावन गार्डन में किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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