सोयल खेतान, रोहा
रोहा में कलागुरु विष्णु प्रसाद राभा दिवस मनाने के साथ ही समस्त क्षेत्र राभा संगीत से मुखरीत हो गया।
20 जून को समस्त राज्य भर की भांति वृहतर रोहा के विभिन्न प्रांतों में कलागुरु विष्णु प्रसाद राभा दिवस का आयोजन कर कलागुरु को स्मरण करने के क्रम में अखिल असम लेखिका समारोह समिति, रोहा शाखा के बैनर तले आयोजित तथा शाखा कार्यकारी अध्यक्षा डॉ निरला देवी के संचालन में अनुष्टित राभा दिवस पर कलागुरु के प्रतिचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलन, माल्यार्पण कर स्मरण करने के साथ ही शाखा की सदस्याओं ने राभा संगीत परिवेशन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और द्विप्ती देवी शर्मा और निरु बोरा ने कलागुरु के जीवन वृतांत, आदर्श और अवदानों पर प्रकाश डाला और शाखा सदस्याओं ने एकसाथ राभा द्वारा रचित "निसला आईरे", "जया नाई जया नाई" और "बोल बोल कृषक शक्ति दल" तिन गीत परिवेशन कर कार्यक्रम का समापन किया।
दुसरी और रोहा सृजनी स्वर साधनालय के तत्वावधान में रोहा प्रांजल मेमोरियल एकाडमी में चतुर्थ वार्षिक राभा दिवस और राभा संगीत प्रतिस्पर्धा का आयोजन हुवा।
स्वर साधनालय अध्यक्ष पंकज कुमार पारै के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट समाजकर्मी प्रभात चंद्र भूँया ने राभा के प्रतिचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलन कर शुभारंभ करने के साथ ही रोहा महाविद्यालय के सह प्रवक्ता त्रिदीप बोरा ने माल्यार्पण और राभा संगीत प्रतिस्पर्धा का उद्घाटन किया विशिष्ट अभिनेता, नाट्यशिल्पी दिवसन लाल वरुबा ने राभा संगीत प्रतिस्पर्धा में नन्हे मुन्नै बच्चों ने हिस्सा ले राभा संगीत परिवेशन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
जज के निर्णय घोषणा के पस्चात राभा संगीत प्रतिस्पर्धा के विजयी प्रतियोगियों को नगद राशी, मोमेंटो और मानपत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। इस उपलक्ष में सृजनी स्वर साधनालय के प्रतिनिधि, शिक्षक, शिक्षिका, अविभावक अविभाविका और छात्र छात्रा उपस्थित थे।
साथ ही शिशु अनुष्ठान अकनिर कविता घर असम केंद्रीय समिति, रोहा के आहँतगुडी शाखा में राभा दिवस धुमधाम से मना कलागुरु का स्मरण किया गया।








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