महिला स्वावलंबन, सशक्तिकरण और उद्यमिता की दिखी अनूठी झलक
बंगाईगांव: अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार स्थानीय तेरापंथ भवन के निचले, वह पहले तल्ले में तेरापंथ महिला मंडल, बंगाईगांव के तत्वाधान में एक दिवसीय "श्री उत्सव" नामक रोमांचक "उत्सव - प्रदर्शनी सह बिक्री" का भव्य आयोजन 7 जुन रविवार को किया गया। इस विशेष मेले की थीम "एक कदम स्वावलंबन की ओर" रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला स्वावलंबन और सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और स्थानीय महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि क्षेत्र की विधायिका श्रीमती दीप्तिमयी चौधरी ने किया।
इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहाँ पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत की समृद्ध विरासत का अनूठा मेल देखने को मिला। मेले के हर कोने में असम और राजस्थान की बहुरंगी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। दोनों राज्यों के पारंपरिक पहनावे, कलाकृतियाँ और खान-पान के तौर-तरीकों ने आगंतुकों का मन मोह लिया।
एक ही छत के नीचे खरीदारी का जीवंत अनुभव प्रदर्शनी में आए आगंतुकों के लिए यह एक बेहद अनूठा और जीवंत अनुभव था, जहाँ दैनिक जीवन से लेकर त्योहारों तक की तमाम सामग्रियां एक ही छत के नीचे उपलब्ध थीं।
मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स मे राजस्थान के प्रसिद्ध और स्वादिष्ट नमकीन, पारंपरिक मिठाइयाँ, तरह-तरह की चटपटी खटाई और लजीज व्यंजनों के फूड स्टॉल, फैशन और लाइफस्टाइल के अंतर्गत ट्रेंडी और आधुनिक कपड़े, आकर्षक आभूषण, कॉस्मेटिक्स और प्रीमियम परफ्यूम, होम डेकोर व स्किनकेयर की श्रेणी में घर को सजाने के लिए खूबसूरत कलाकृतियां, हस्तशिल्प और प्राकृतिक स्किनकेयर उत्पाद आदि शामिल थे।
"एक कदम स्वावलंबन की ओर" की थीम को पूरी तरह चरितार्थ करते हुए प्रदर्शनी के सभी स्टॉल्स का संचालन और प्रबंधन महिलाओं द्वारा ही किया जा रहा था। अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता का परिचय देते हुए महिला स्वत्वाधिकारियों ने न केवल अपने उत्पादों का बेहतरीन प्रदर्शन किया, बल्कि व्यवसाय प्रबंधन की बारीकियों को भी बखूबी दर्शाया।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना तथा उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को एक सशक्त मंच प्रदान करना था।
बंगाईगांव में महिलाओं के भीतर छिपी उद्यमिता और उत्सव की भावना का जश्न मनाने की यह अपने आप में एक शानदार और अनुकरणीय पहल रही। इस प्रदर्शनी में बंगाईगांव के अलावा गुवाहाटी,बरपेटा,अभयपुर, ग्वालपाड़ा,बिलासीपाड़ा आदि कई जगहों की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
मारवड़ी सम्मेलन महिला शाखा, बंगाईगांव की अध्यक्षा श्रीमती मंजू दुगड ने तेरापंथ महिला मंडल की सराहना करते हुए बताया कि इस आयोजन ने महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का प्रभावी मंच उपलब्ध कराया तथा घर से काम करने वाली महिलाओं की कार्यकुशलता को इस उत्सव के जरिए समाज के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला। जबकि मारवाड़ी युवा मंच बंगाईगांव जागृति शाखा की अध्यक्षा श्रीमती दीपाली अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं की भागीदारी को और मजबूती मिलेगी तथा अन्य महिलाओं को ऐसे कार्यक्रम में सम्मिलित होने का प्रोत्साहन एंव प्रेरणा भी मिलेगी।
प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुकों और खरीदारों के उत्साह को दोगुना करने के लिए आयोजकों द्वारा एक विशेष 'निःशुल्क लकी ड्रॉ' की व्यवस्था भी की गई थी। इस रोमांचक गतिविधि ने लोगों को बेहद आकर्षित किया और मेले में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही। स्थानीय नागरिकों ने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की और खरीदारी कर उनका हौसला बढ़ाया।
तेरापंथ महिला मंडल, बंगाईगांव की अध्यक्षा श्रीमती कविता कोठारी एवं सचिव श्रीमती पूजा कोठारी ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तेरापंथ महिला मंडल की सभी कर्मठ सदस्यों को उनके अथक परिश्रम के लिए, सहयोगियों, आगंतुकों तथा प्रदर्शनी में भाग लेने वाली महिला उद्यमियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। मंडल ने भविष्य में भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर करने का संकल्प दोहराया।












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