नाम-कीर्तन, बरगीत और सत्रिया नृत्य से भक्तिमय हुआ माहौल; जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने टेका माथा
सोयल खेतान, रोहा। रोहा समष्टि कंठमंच की सप्ताहव्यापी ‘नामघर तीर्थयात्रा-2026’ का मंगलवार को पूर्व टोपाकुची वर नामघर से भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नाम-कीर्तन, बरगीत एवं सत्रिया नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
रोहा समष्टि के शिल्पियों को एकजुट कर सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 7 जून को गठित कंठमंच का यह पहला प्रमुख कार्यक्रम है। कार्यक्रम का संचालन कंठमंच के सचिव जतिन जोनाक ने किया।
इस अवसर पर नगांव जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा भी उपस्थित हुए। उन्होंने नामघर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया और कंठमंच की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास नई पीढ़ी को नामघर की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उस्ताद बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार से सम्मानित विशिष्ट बांसुरी वादक दिलीप हीरा तथा लगातार 24 घंटे छह शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाली तुष्टिमना नाथ को जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने फुलाम गामोछा एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर ‘समष्टि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। इस दौरान कई अन्य शिल्पियों का भी फुलाम गामोछा पहनाकर अभिनंदन किया गया।
नामघर तीर्थयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा क्षेत्र नाम-कीर्तन से गूंज उठा। आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान रोहा समष्टि के विभिन्न नामघरों में पहुंचकर श्रद्धालु माथा टेकेंगे और नामघर केंद्रित आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कंठमंच के सचिव जतिन जोनाक ने बताया कि यात्रा के दौरान नाम प्रसंग, भक्तिमय संगीत, आध्यात्मिक विचार-विमर्श, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम, शिल्पियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा स्थानीय लोगों के साथ संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य नामघर की परंपरा और उससे जुड़े सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।










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