4 अक्टूबर को रोहा क्रीड़ा संघ प्रेक्षागृह में होगा पुरस्कार एवं स्मारक व्याख्यान समारोह
रोहा: रोहा के विशिष्ट शिक्षाविद एवं स्वप्नद्रष्टा हिरण्य नारायण बोरा की स्मृति में गठित हिरण्य नारायण बोरा स्मारक न्यास ने वर्ष 2026 के स्मारक न्यास पुरस्कार के लिए असमिया लिपि के विशिष्ट शोधकर्ता एवं प्राचीन लिपि विशेषज्ञ भास्कर बरदलै का चयन किया है। उनके चयन की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
हिरण्य नारायण बोरा का वर्ष 2023 में निधन हो गया था। उनके आदर्शों और शिक्षा के प्रति योगदान को जीवित रखने के उद्देश्य से उनके परिवार एवं रोहा के लोगों के सहयोग से हिरण्य नारायण बोरा स्मारक न्यास का गठन किया गया। न्यास की ओर से उनके जन्मदिन 1 अक्टूबर के अवसर पर प्रत्येक वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को स्मारक पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में पुरस्कार की पूर्व कड़ियों में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शशांक कुमार बरुआ, सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका के सहयोगी कमल कटकी तथा वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार शर्मा को सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2026 के लिए भास्कर बरदलै का चयन किया गया है।
न्यास के मुख्य न्यास रक्षी रुपेंद्र नारायण बोरा एवं कार्यकारी न्यास रक्षी डॉ. पल्लवी बोरा ने बताया कि 4 अक्टूबर को रोहा क्रीड़ा संघ प्रेक्षागृह में स्मारक व्याख्यान एवं पुरस्कार प्रदान समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में भास्कर बरदलै को हिरण्य नारायण बोरा स्मारक न्यास पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर “वर्तमान वैज्ञानिक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता—संभावनाएं, प्रयोग, अप्रयोग और दुर्भावना” विषय पर स्मारक व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षाविद एवं पूर्व अध्यक्ष, नौगांव महाविद्यालय (स्वायत्त) डॉ. शरत बरकटकी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
न्यास की ओर से क्षेत्र के लोगों एवं शिक्षाविदों, विद्यार्थियों तथा समाज के सभी वर्गों से समारोह में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने का आग्रह किया गया है।









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