पुरानी परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने कलंक नदी तट पर कराया भगवान का जलाभिषेक, गूंजे ‘गोविंद जय जय, गोपाल जय जय’ के जयघोष
नगांव। भादो सुदी एकादशी, जिसे जल झूलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, के पावन अवसर पर नगांव में वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई। हैबरगांव स्थित सत्यनारायण ठाकुरवाड़ी मंदिर में विराजमान भगवान लक्ष्मी सत्यनारायण की प्रतिमा को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर श्रद्धालुओं द्वारा पैदल यात्रा निकाली गई। धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
परंपरा के अनुसार मंगलवार शाम करीब 4 बजे सत्यनारायण ठाकुरवाड़ी मंदिर से भगवान की सुसज्जित पालकी यात्रा प्रारंभ हुई। श्रद्धालु पालकी को अपने कंधों पर लेकर पैदल कलंक नदी के किनारे स्थित कृष्णाश्रम शिव मंदिर पहुंचे। वहां विधि-विधान के साथ भगवान लक्ष्मी सत्यनारायण के विग्रह को स्नान कराया गया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक कर मेवों एवं फलों का भोग अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना और आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया तथा श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए।
जल झूलनी एकादशी की इस धार्मिक परंपरा में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था देखने को मिली। यात्रा के दौरान अनेक श्रद्धालु पालकी के नीचे से होकर गुजरे और अपने तथा अपने परिवार के आरोग्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान ‘गोविंद जय जय, गोपाल जय जय’ के जयघोष से पूरा मार्ग गूंजता रहा।
पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान का कार्य मंदिर के पुजारी पंडित विजय कुमार दाधीच ने विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। कृष्णाश्रम शिव मंदिर में पूजा एवं आरती के पश्चात भगवान की पालकी को पुनः पैदल यात्रा के रूप में सत्यनारायण ठाकुरवाड़ी मंदिर लाया गया। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम के समापन पर भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला।
इस धार्मिक आयोजन में नगांव के महावीर प्रसाद किल्ला, विनोद मोर, सुरेश खेड़िया, संजय शर्मा, महावीर झंवर, दामोदर खंडेलवाल, अरुण नागरका, ललित पोद्दार, दिनेश खेतावत, सौरभ मोर, राजा पारीक, महेश भजनका, अनिल रातुसरिया, धीरज देवड़ा, पवन झंवर सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में नगांव के भक्तवृंद का विशेष सहयोग रहा। श्रद्धालुओं ने इस पारंपरिक धार्मिक आयोजन के माध्यम से भगवान लक्ष्मी सत्यनारायण के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए क्षेत्र की सुख-शांति, आरोग्य एवं समृद्धि की कामना की।










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