मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं कृषि विभाग के आयुक्त-सचिव से स्थानांतरण आदेश रद्द करने की मांग
सोयल खेतान, रोहा।
रोहा स्थित कृषि सह कार्यवाही अभियंता कार्यालय को मरिगांव स्थानांतरित करने के निर्देश के विरोध में रोहा आंचलिक आसु, अजायुछाप, तिवा छात्र संघ, मानव अधिकार संग्राम समिति (मास) तथा अनुसूचित छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं कृषि विभाग के आयुक्त-सचिव को स्मारक पत्र भेजकर आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, असम सरकार के कृषि निदेशालय द्वारा 30 अगस्त को जारी पत्र संख्या E-806089/DFA1931067 के माध्यम से रोहा स्थित कृषि सह कार्यवाही अभियंता कार्यालय को मरिगांव जिले में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। आदेश की जानकारी मिलते ही रोहा के विभिन्न छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने इसका तीव्र विरोध शुरू कर दिया।
संगठनों ने रोहा समजिला आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री तथा कृषि विभाग के आयुक्त-सचिव को अलग-अलग स्मारक पत्र भेजकर मांग की कि रोहा स्थित कार्यालय को यथावत रखा जाए तथा आवश्यकता होने पर मरिगांव में अलग से नया कार्यालय स्थापित किया जाए।
स्मारक पत्र में कहा गया है कि रोहा एक प्रमुख कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां के किसान सिंचाई, कृषि यंत्रों, सरकारी योजनाओं तथा अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए इस कार्यालय पर निर्भर हैं। यदि कार्यालय को मरिगांव स्थानांतरित किया जाता है तो क्षेत्र के किसानों को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा तथा कृषि संबंधी सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
स्मारक पत्र सौंपने के दौरान रोहा आंचलिक आसु के अध्यक्ष संजय कुमार काकोति, तिवा छात्र संघ के सलाहकार प्रह्लाद कुमार मशरंग, रोहा तिवा छात्र संघ के अध्यक्ष दीपसिंह डेकाराजा एवं सचिव थानेश्वर देवरी, नगांव जिला अजायुछाप के सलाहकार हरी प्रसाद राजखोबा एवं संयुक्त सचिव निलोत्पल हजारिका, रोहा अजायुछाप के अध्यक्ष रुबुल मुदै एवं सचिव गुणेंद्र डेका, मास केंद्रीय समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष लखी प्रसाद डेका, रोहा आंचलिक मास के अध्यक्ष दीपज्योति कोंवर, सचिव खनिकर डेका सहित बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित थे।










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