108 महिलाओं ने कलश यात्रा में लिया भाग, व्यास गुरु नंदू महाराज ने सुनाई भागवत महिमा
गुवाहाटी। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समिति, गुवाहाटी के सौजन्य से पितृपक्ष के अवसर पर पितरों का आशीर्वाद एवं उनकी आत्मशांति की कामना को लेकर छत्रीबाड़ी स्थित परशुराम सेवा सदन में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत सप्ताह का शुभारंभ हुआ। भागवत सप्ताह 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।
भागवत सप्ताह का शुभारंभ गौहाटी गौशाला से निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इससे पूर्व मुख्य यजमानों ने अपनी धर्मपत्नियों के साथ गौशाला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत महापुराण ग्रंथ का विधिवत पूजन किया। भागवत कथा वाचक व्यास गुरु नंदू जी महाराज जाजड़ा ने कलश एवं वरुण पूजन की विधि संपन्न कराई।
कलश यात्रा में 108 महिलाओं ने लाल चुनरी की साड़ियां धारण कर सिर पर कलश लेकर हरिनाम संकीर्तन करते हुए भाग लिया। श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ कलश यात्रा लेकर परशुराम सेवा सदन पहुंचे, जहां श्रीमद् भागवत महापुराण ग्रंथ को विधिवत व्यास पीठ पर विराजमान किया गया।
सायंकालीन सत्र में व्यास पीठ से कथा का शुभारंभ करते हुए व्यास गुरु नंदू महाराज जाजड़ा ने श्रीमद् भागवत की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत ऐसी पावन कथा है, जिसके श्रवण और स्मरण से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत कथा पितरों सहित उनके सात कुलों को भवसागर से पार लगाने वाली मानी गई है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से जीव के भीतर परमात्मा के प्रति भक्ति और आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है।
भागवत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं को कथा श्रवण का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर भागवत एवं व्यास पूजा करने वाले प्रमुख यजमानों में महावीर-राधा शर्मा, महेश-सुशीला बेड़िया, शिवकुमार-ममता दाधीच, संतोष-रितु देवी चौधरी, बिहारीलाल-सुमित्रा तोदी, ओमप्रकाश-अनीता भड़ेच, दीपक-बीना पुगलिया, बलराम-अनुराधा चौधरी, नेमीचंद-सुमन महर्षि, कैलाश-सुशीला कछवाल, अक्षय-वेदिका चौधरी, नारायण-सरला जोशी, बजरंग-निर्मला दाधीच तथा मनोज कुमार-मनीष चौधरी ने भागवत ग्रंथ एवं व्यास पीठ पर व्यास पूजा की।








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