गुवाहाटी, 27 सितंबर। निर्बाक समूह के तत्वावधान में गुवाहाटी के माइम अकादमी सभागार में निर्बाक आबेली शीर्षक से एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन असम के दो लोकप्रिय कलाकारों सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका और जुबिन गर्ग की अमर रचनाओं के प्रति एक हार्दिक श्रद्धांजलि था। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके पश्चात मानुहे मानुहर बाबे, रोमंथन और यंत्र शीर्षक से तीन मूक अभिनय प्रस्तुत किए गए, जिनके माध्यम से डॉ. भूपेन हजारिका और जुबिन गर्ग के गीतों की मानवीय संवेदनाओं, स्मृतियों और जीवन दर्शन को मंच पर सजीव रूप में अभिव्यक्त किया गया। समारोह में अंतर्राष्ट्रीय मूक अभिनय कलाकार मोइनुल हक, प्रसिद्ध गायिका मनीषा हजारिका, संगीत निर्देशक दिगंत भारती, कवि-कलाकार समुद्र काजल सैकिया, लेखक व पत्रकार डॉ. प्रांजल मजूमदार तथा लेखक एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता गोपाल जालान सहित कई गणमान्य हस्तियों ने उपस्थित रहकर अपने विचार साझा किए। मीनांक डेका द्वारा परिकल्पित और निर्देशित निर्बाक आबेली केवल एक श्रद्धांजलि सभा तक सीमित न रहकर, मूक अभिनय जैसी मौन कला के माध्यम से दोनों महान दिग्गज कलाकारों की सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक और सराहनीय प्रयास साबित हुआ।









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